मनरेगा की जगह अब मिलेगा 125 दिन का रोजगार
केंद्र सरकार ने आवंटित किये 8,508 करोड़ रुपये
राज्य सरकार देगी 5,672 करोड़ रुपये
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G]” योजना कल से लागू कर रही है। यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का स्थान लेगी। नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी।
2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों को लाभ
राज्य सरकार द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह योजना पश्चिम बंगाल के सभी अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी। सरकार का दावा है कि इससे राज्य के लगभग 2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत ग्राम पंचायतों द्वारा विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार की जाएगी, जिसे पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से भी जोड़ा जाएगा।
योजना की प्रमुख बातें
ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की गारंटी। योजना का केंद्र और राज्य के बीच 60:40 अनुपात में वित्तपोषण। मजदूरी का भुगतान DBT-SPARSH प्रणाली के माध्यम से सीधे बैंक खाते में होगा। कार्यों का मुख्य फोकस जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका विकास और जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यों पर रहेगा।रोजगार सृजन बढ़ाने के लिए श्रम की जगह मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।खर्च का 60% मजदूरी और 40% सामग्री पर किया जाएगा।
रोजगार नहीं मिलने पर मिलेगा भत्ता
योजना के अनुसार, यदि किसी पात्र परिवार द्वारा काम मांगने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं, यदि मजदूरी का भुगतान निर्धारित समय में नहीं होता है, तो श्रमिकों को विलंब मुआवजा भी मिलेगा।
खेती के मौसम में 60 दिन रहेगा “नो-वर्क पीरियड”
सरकार ने कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बुवाई और कटाई के मौसम को मिलाकर वर्ष में कुल 60 दिनों का अनिवार्य “नो-वर्क पीरियड” निर्धारित करने का प्रावधान किया है।
डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता पर जोर
योजना के तहत बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग, सोशल ऑडिट, वार्षिक वित्तीय ऑडिट तथा प्रत्येक जिले में लोकपाल (Ombudsperson) की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक नियमित निरीक्षण और निगरानी होगी।





























