KMC को पूरा ढांचा हटाने का निर्देश
कोलकाता, 19 जून: कलकत्ता हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक भूकैलाश मंदिर परिसर के निकट बने कथित अवैध निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी ने स्पष्ट कहा कि केवल छत या भवन के किसी हिस्से को तोड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे अवैध ढांचे को मंदिर परिसर के आसपास से हटाया जाना चाहिए।
मामला सीताराम राय बनाम कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (WPA 5891 of 2026) से संबंधित है। सुनवाई के दौरान कोलकाता नगर निगम (KMC) ने अदालत में एक रिपोर्ट दाखिल की, जिसे रिकॉर्ड पर लिया गया।
अदालत ने रिपोर्ट में संलग्न तस्वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि निगम ने निर्माण की छत के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर आंशिक रूप से ध्वस्तीकरण किया है। लेकिन न्यायालय की राय में यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। अदालत ने कहा कि मंदिर के समीप स्थित अवैध संरचना को पूरी तरह हटाना आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान KMC की ओर से बताया गया कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है। इस पर अदालत ने नगर निगम को अगली सुनवाई तक अद्यतन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगली रिपोर्ट में मंदिर परिसर से सटे सभी भवनों और संरचनाओं की तस्वीरें शामिल की जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन अवैध निर्माणों को आंशिक रूप से तोड़ा गया है, उन्हें पूरी तरह हटाया जाए।
अदालत ने माना कि भूकैलाश मंदिर परिसर की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा की रक्षा के लिए अवैध निर्माणों को पूरी तरह हटाना आवश्यक है।
मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई 2026 को होगी, जब KMC को नई प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी।




























