शंकर घोष ने कहा, गुंडे अब जमीन में दफन होंगे
कोलकाता: पब्लिक आर्डर बिल यानी गुंडा दमन बिल पेश हुआ विधानसभा में । राज्य के कैबिनेट मंत्री शंकर घोष ने कहा कि ऐतिहासिक बिल पेश हुआ है सदन में। दुर्भाग्य से जो हमें अनुशासन सिखाने आये, उन्होंने सरकारी संपत्ति की ख़ुद तोड़फोड़ की है। यह मानसिकता किसी समाज का हिस्सा नहीं, इस मानसिकता को समाज से हटाना होगा. CAA और वक्फ आंदोलन के नाम पर राज्य में अत्याचार और टैक्स पेयर्स के रुपये बर्बाद करने का अधिकार किसी को नहीं है ।हमने मोथाबाड़ी और मालदह में देखा कि किस तरह सरकारी संपत्ति लूटी गयी। जो बिल का विरोध कर रहे वो उस अंश के लोग हैं जों चाहते हैं कि समाज में वैसा ही अत्याचार होता रहे। गुंडा बदमाश सिंडिकेट जो करते हैं, उस राज्य के ऐसी मानसिकता वाले लोग पोलिटिकल गुंडा हैं । आज ये बिल उसी के ख़िलाफ़ तथा गुंडई रोकने के लिए पेश किया गया है। बिल की सच में आवश्यकता थी। गैंग कल्चर और सिंडिकेट कल्चर को रोकने के लिए यह बिल है। शासक दल के नेता करोड़ों के मालिक हुए हैं। आम लोगों का शोषण हुआ। इन गुंडों की संपत्ति अटैच की जायेगी। ऐसे कहा जा रहा जैसे पश्चिम बंगाल में ही पहली बार यह बिल लाया गया, जबकि गुजरात, यूपी, केरल, राजस्थान में भी ये बिल लाये गए हैं। गुंडई की इच्छा रहने पर भी आँख उठाकर नहीं देख पाएंगे सरकारी संपत्ति की ओर। गुंडा शब्द का मतलब है सिंडिकेट के सिरमौर जो कि पश्चिम बंगाल के युवराज हैं और अभी छुपे हुए हैं। उनके शासन में टेबल के नीचे पुलिस छुपने पर बाध्य हुई थी लेकिन अब गुंडे ज़मीन के अंदर दफन होंगे।





























