सिंडिकेट राज पर भी बड़ा एक्शन
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार बड़ा दिन साबित हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार बजट सत्र के दौरान विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक पेश कर सकती है। इसके साथ ही एंटी-एक्सटॉर्शन एंड सिंडिकेट राज बिल समेत कुल तीन महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में लाए जाने की संभावना है।
विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने गुरुवार की शाम 7 बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BA Committee) की बैठक बुलाई, जिसमें सोमवार को इन विधेयकों को पेश करने पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में UCC बिल को विधानसभा में प्रस्तुत करने पर सहमति बनी है।यदि यह विधेयक पारित होता है, तो पश्चिम बंगाल उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा।प्रस्तावित UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे नागरिक मामलों में सभी समुदायों के लिए एक समान कानून लागू करना है।भाजपा ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में UCC लागू करने का वादा किया था। चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी स्पष्ट संकेत दिए थे कि राज्य में UCC लागू किया जाएगा।वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार लगातार यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध करती रही थी।
ममता बनर्जी ने कई सार्वजनिक मंचों और चुनावी सभाओं में कहा था कि वह पश्चिम बंगाल में UCC लागू नहीं होने देंगी।अब सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य में UCC लागू करने की दिशा में सरकार का यह पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि सोमवार को विधेयक पेश होता है और आगे पारित हो जाता है, तो इसका पश्चिम बंगाल की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।





























