कोलकाता : राजस्थान फोरम की ओर से शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को सम्मानित किया गया. इस दौरान राजस्थान फोरम समेत विभिन्न संगठनों की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि राजस्थानी समाज के लोग हमेशा सेवा, समर्पण, त्याग और स्वाभिमान के लिए जाने जाते हैं. देश के कई राज्यों में मेरा जाना होता है, कई देशों में भी जाना होता है. उन्होंने कहा कि मारवाड़ी व्यक्ति जहाँ भी रहे लेकिन उसका जुड़ाव हमेशा अपनी धरती से रहता है.

अपनी इसी कार्य संस्कृति के कारण सेवा, समर्पण और त्याग को साथ लेकर भारतीय चलता है, और इसी कारण भारत का सम्मान हर जगह है. ओम बिरला ने कहा कि इसी तरह राजस्थान का व्यक्ति कहीं भी रहता है तो अपनी सेवा और समर्पण से वहां के समाज के अंदर संकट और चुनौती के समय समाज के लिए काम करता है. आध्यात्मिक और संस्कृति से गहरे जुड़ाव के कारण सेवा से व्यापार करता है.

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बंगाल की धरती ने एक विचार दिया, संस्कृति दी और आध्यात्मिक चेतना दी. बंगाल की धरती से जन्मे महापुरुषों ने भारतीय आध्यात्मिक चेतना का सन्देश दिया। यह धरती शिक्षा, संस्कार और नैतिकता की धरती रही है. नेताजी, राजा राम मोहन राय जैसे कई महा पुरुष हुए जिन्होंने भारत की चेतना को दुनिया में पहुँचाया। आप भी अलग – अलग राज्यों से यहाँ आये और यहाँ उद्योग किया, सेवा की.
लोकसभा के स्पीकर ने कहा कि बंगाल की विरासत को फिर जिन्दा करने का समय आ गया है. बंगाल को कैसे उस विरासत के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है, यहाँ एक ऐसा माहौल बनना चाहिए कि यहाँ औद्योगिक क्रांति हो. व्यापार में नवाचार हो, मुझे आशा है कि नयी सरकार जन आकांक्षाओं के अनुसार काम करेगी। बंगाल फिर से विचार देने वाला प्रदेश बनेगा।
इधर , राजस्थान फोरम के संदीप भूतोड़िया ने कहा कि कई वर्षों से ओम बिरला जी लोकसभा के स्पीकर रहे हैं. आज के कार्यक्रम की जहाँ तक बात है तो हम लोगों ने मिलकर उन्हें सम्मानित करने के लिए उन्हें कार्यक्रम में आने के लिए आमंत्रित किया था. यहाँ आने के लिए मैं उनके प्रति आभारी हूँ. कार्यक्रम में राजस्थान फोरम के एच. एम. बांगड़, विप्रा फाउंडेशन के सुशील ओझा समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे.





























