कोलकाता: राज्य सरकार ने वन व पर्यावरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन फैसलों का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और नागरिक सुविधाओं में सुधार करना है।
*जू में भोजन व्यवस्था की होगी निगरानी*
राज्य के वन मंत्री मनोज ओराव ने ओजस को बताया कि राज्य के सभी 12 जूलॉजिकल पार्कों में जानवरों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और मात्रा सुनिश्चित करने के लिए भोजन वितरण क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की निगरानी अरण्य भवन से की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद व्यवस्था लागू होगी। भोजन देने का समय भी निर्धारित किया जाएगा ताकि जानवरों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
*अलीपुर जू होगा और आकर्षक*
अलीपुर जू में आधुनिक वाटर एक्वेरियम विकसित किया जाएगा। साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चिंपैंजी भी लाने की योजना है।
*बक्सा में फिर बसाए जाएंगे बाघ*
मंत्री ने बताया कि बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघों के पुनर्वास (Reintroduction) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा गैंडा समेत अन्य वन्यजीव संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कृष्णचूड़ा सहित विभिन्न प्रजातियों के अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की योजना है। इस संबंध में ZSI के कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
*सुंदरबन में बढ़ेगा मैंग्रोव, घटेगा मानव-बाघ संघर्ष*
सरकार सुंदरबन में बड़े पैमाने पर मैंग्रोव पौधारोपण करेगी। इसका उद्देश्य समुद्री कटाव (Erosion) रोकना और मानव-बाघ संघर्ष को कम करना है। जहां आवश्यकता होगी वहां तटबंध (बांध) भी बनाए जाएंगे।
*मानसून में कंट्रोल रूम और रेस्क्यू टीम*
मानसून के दौरान पूरे राज्य में कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे। क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), पेट्रोलिंग टीम और रेस्क्यू टीम तैनात की जाएगी। सभी टीमें व्हाट्सएप के माध्यम से आपस में जुड़ी रहेंगी ताकि विशेष रूप से जलदापाड़ा जैसे क्षेत्रों में बारिश के दौरान फंसे वन्यजीवों का तत्काल रेस्क्यू किया जा सके। ड्रेनेज व्यवस्था में भी सुधार किया जाएगा।
*होमस्टे की होगी जांच*
सरकार ने राज्य के सभी वैध और अवैध होमस्टे की सूची तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





























