कोलकाता: सॉल्टलेक स्थित चर्चित ग्रोसरी स्टोर ‘गो रामू’ (Go Ramu) से जुड़े एक्सपायरी डेट और फर्जी लेबलिंग घोटाले में कोलकाता पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी सुनील जैन और उसके सहयोगी वेदांत जैन को झारखंड के पारसनाथ से गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत उपभोक्ताओं की शिकायतों और मीडिया में प्रकाशित खुलासों के बाद हुई थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य ग्रोसरी स्टोर्स से भी जुड़े हो सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया कि ‘गो रामू’ स्टोर पर कथित रूप से एक्सपायरी डेट वाले खाद्य उत्पादों पर नई तारीख वाले फर्जी स्टिकर लगाकर दोबारा बेचा जा रहा था। कई उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग में भी कथित तौर पर हेरफेर की गई थी। इससे उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ होने की आशंका जताई गई है।पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ उत्पादों पर भविष्य की तारीख तक दर्ज कर दी गई थी, जबकि वह तारीख अभी आई भी नहीं थी। इसके अलावा बिलिंग और जीएसटी से जुड़े दस्तावेजों में भी कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
झारखंड से हुई गिरफ्तारी
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी कोलकाता छोड़कर फरार हो गए थे। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने झारखंड के पारसनाथ में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित घोटाले में और कौन-कौन शामिल है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इसी तरीके से अन्य दुकानों में भी एक्सपायरी डेट बदलकर सामान बेचा जा रहा था।यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, उपभोक्ताओं की सुरक्षा से खिलवाड़ और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।





























