बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है सरकार
कोलकाता : नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को तेज़ करने और प्रशासनिक कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए कोलकाता नगर निगम (KMC) इलाके में वार्डों के बड़े पैमाने पर पुनर्गठन की तैयारी शुरू हो गई है।
कहां बढ़ेंगी सबसे अधिक सीटें
सूत्रों का कहना है कि उत्तर कोलकाता की तुलना में दक्षिण कोलकाता और उससे सटे उपनगरीय इलाकों में नए वार्डों की संख्या बढ़ने की सबसे ज़्यादा संभावना है।
क्या है मकसद
इस कदम का मकसद वोटरों की संख्या में संतुलन बनाना है। इसका लक्ष्य हर वार्ड में औसतन 15,000 से 16,000 वोटर रखना है। अभी कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 144 वार्ड हैं। इस संख्या को बढ़ाकर 200 से 205 के बीच किया जा सकता है। कई महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या को दोगुना या इससे भी अधिक किया जा सकता है।
कहां पर कितनी हो सकती है वार्डों की संख्या
कसबा : वार्डों की संख्या 6 से बढ़ाकर 17 करने का प्रस्ताव।
जादवपुर : वार्डों की संख्या 10 से बढ़ाकर 16 करने का प्रस्ताव।
टॉलीगंज : वार्डों की संख्या 9 से बढ़ाकर 14 करने का प्रस्ताव।
बेहाला ईस्ट : वार्डों की संख्या 11 से बढ़ाकर 16 करने का प्रस्ताव।
बेहाला वेस्ट : वार्डों की संख्या 10 से बढ़ाकर 17 करने का प्रस्ताव।
इंटली : वार्डों की संख्या 5 से बढ़ाकर 11 करने का प्रस्ताव।
जोड़ासांको : वार्डों की संख्या 11 से घटाकर 8 करने का प्रस्ताव।
श्यामपुकुर : वार्डों की संख्या 11 से घटाकर 8 करने का प्रस्ताव।
काशीपुर-बेलगाछिया : वार्डों की संख्या 6 से बढ़ाकर 11 करने का प्रस्ताव।
मानिकतला : वार्डों की संख्या 8 से बढ़ाकर 11 करने का प्रस्ताव।
मेटियाब्रुज़ : वार्डों की संख्या 6 से बढ़ाकर 8 करने का प्रस्ताव।
कोलकाता पोर्ट : वार्डों की संख्या 8 से बढ़ाकर 11 करने का प्रस्ताव।
रासबिहारी : वार्डों की संख्या 9 से बढ़ाकर 10 करने का प्रस्ताव।
बालीगंज : वार्डों की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव।
चौरंगी : वार्डों की संख्या 11 से घटाकर 8 करने का प्रस्ताव।
बेलियाघाटा : वार्डों की संख्या 8 से बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव।
समस्याओं के समाधान में तेज़ी आने की भी उम्मीद
वोटरों की संख्या के आधार पर वार्ड की सीमाएं फिर से तय करने की इस पहल को प्रशासनिक कामकाज को आसान बनाने और नागरिक सुविधाएं लोगों तक पहुंचाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इससे बड़े इलाकों वाले वार्डों में नागरिक समस्याओं के समाधान में तेज़ी आने की भी उम्मीद है।






























