नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने हुकुमचंद जूट मिल मामले में पश्चिम बंगाल सरकार, उत्तर 24 परगना के जिलाधिकारी, WBPCB, हलिशहर नगरपालिका और कंपनी से जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।
कोलकाता : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की पूर्वी क्षेत्र पीठ ने उत्तर 24 परगना स्थित हुकुमचंद जूट मिल से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। ट्रिब्यूनल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार समेत पांच पक्षों से विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। NGT ने बताया कि 27 जुलाई 2026 को प्रतिवादी संख्या-2 की ओर से शपथपत्र (Affidavit) दायर किया गया, जिसे रिकॉर्ड पर लिया गया है। साथ ही 22 अप्रैल 2026 के आदेश के अनुपालन में पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (WBPCB) के मुख्य अभियंता द्वारा संयुक्त समिति (Joint Committee) की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
इन पांच पक्षों को बनाया गया प्रतिवादी
मूल आवेदन (Original Application) में लगाए गए आरोपों और संयुक्त समिति की रिपोर्ट में दर्ज टिप्पणियों को देखते हुए NGT ने निम्नलिखित पक्षों से जवाब मांगा है—
पश्चिम बंगाल सरकार के पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव
उत्तर 24 परगना के जिलाधिकारी
पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (WBPCB) के सदस्य सचिव
हलिशहर नगरपालिका के कार्यपालक अधिकारी
Hooghly Infrastructure Pvt. Ltd. (यूनिट- हुकुमचंद जूट मिल), हलिशहर ट्रिब्यूनल ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि सभी पक्षों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई से कम-से-कम एक दिन पहले अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा जाए।
WBPCB की ओर से नोटिस स्वीकार
सुनवाई के दौरान WBPCB की ओर से अधिवक्ता दिपांजन घोष ने नोटिस स्वीकार किया। ट्रिब्यूनल ने बोर्ड को भी अगली तारीख से पहले अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। उस दिन सभी संबंधित पक्षों के जवाबों पर आगे विचार किया जाएगा।






























