कुछ ही मिनटों में निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये स्वाहा
नई दिल्ली : वैश्विक कंसल्टिंग कंपनी Accenture की ओर से जारी वित्तीय वृद्धि के कमजोर पूर्वानुमान ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली को जन्म दिया। बाजार खुलते ही आईटी सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स दोपहर करीब 12:30 बजे तक 750 अंकों से अधिक टूट गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाजार में कुछ ही मिनटों के भीतर निवेशकों की लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई।
Accenture ने अपने वार्षिक राजस्व वृद्धि अनुमान की ऊपरी सीमा घटा दी है और तकनीकी क्षेत्र में ग्राहकों के खर्च को लेकर चिंता जताई है। इसके बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली तेज हो गई।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और विप्रो के शेयर 3.3 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक गिर गए। वहीं कोफोर्ज, हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज, सोनाटा सॉफ्टवेयर, टाटा एलेक्सी और KPIT टेक्नोलॉजीज जैसी मिड-कैप आईटी कंपनियों के शेयरों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर उत्साह के बावजूद वैश्विक कंपनियां तकनीकी खर्च बढ़ाने से बच रही हैं, जिसका असर आईटी कंपनियों की आय पर पड़ सकता है।
हालांकि, बाजार के सभी सेक्टर दबाव में नहीं रहे। एनटीपीसी के शेयर में 1.01 प्रतिशत, सन फार्मा में 0.60 प्रतिशत, पावर ग्रिड में 0.49 प्रतिशत, ट्रेंट में 0.42 प्रतिशत और भारती एयरटेल में 0.42 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होने से बाजार को कुछ सहारा मिल रहा था, लेकिन आईटी सेक्टर में आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।





























