590 करोड रुपए की परियोजनाओं की सौगात
योग दिवस का नेतृत्व और तीन स्वदेशी युद्धपोत राष्ट्र को करेंगे समर्पित
कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20- 21 जून को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे, जहां वह लगभग 590 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कोलकाता के रेड रोड से 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व भी करेंगे।
प्रधानमंत्री हावड़ा जिले में सांकराइल-सांतरागाछी लिंक लाइन परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना पूर्वी भारत के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक पर यातायात का दबाव कम करने, रेल संचालन को अधिक कुशल बनाने तथा यात्री एवं मालगाड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री हावड़ा में 300 बेड वाले नए मंडलीय रेलवे अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था से लैस यह अस्पताल रेलवे कर्मचारियों एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री पूर्व मेदिनीपुर जिले के हौर और राधामोहनपुर के बीच बनने वाले रोड ओवर ब्रिज (ROB) का भी शिलान्यास करेंगे। इससे रेल और सड़क दोनों मार्गों पर सुरक्षा बढ़ेगी तथा यातायात सुचारु होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत निर्मित 49 सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में 315 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली इन सड़कों से ग्रामीण संपर्क बेहतर होगा और लोगों को बाजार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हजारों योग साधकों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल सत्र में भाग लेंगे। वर्ष 2026 के योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है।
प्रधानमंत्री तीन स्वदेशी युद्धपोतों – आईएनएस दुनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय – को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन युद्धपोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है और इनका निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने किया है। 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित ये युद्धपोत भारत की आत्मनिर्भरता और समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देंगे।
केंद्र सरकार के अनुसार, ये सभी परियोजनाएं पश्चिम बंगाल में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, किसानों को सशक्त बनाने, रोजगार एवं आर्थिक अवसर बढ़ाने तथा ‘विकसित पश्चिम बंगाल, विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।





























