2009 में 15 वर्ष से अधिक पुराने बस और मिनीबसों का परिचालन बंद कर दिया गया था। बाद में 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उस नोटिफिकेशन में संशोधन करते हुए वाहनों की आयु सीमा बढ़ाई गई।
कोलकाता : 15 वर्ष से अधिक पुराने वाणिज्यिक (कमर्शियल) वाहनों को रद्द (स्क्रैप) करने के संबंध में महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति सामने आई है। जानकारी के अनुसार, 15 वर्ष से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों को निरस्त करने का नोटिफिकेशन जारी करने का अधिकार केंद्र सरकार के परिवहन विभाग के पास है। साथ ही, NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्थगन (स्टे) आदेश भी लागू है। संबंधित संगठन ने यह भी दावा किया है कि वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई का पक्षकार है।
बताया गया कि कोलकाता मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी (KMA) क्षेत्र में वर्ष 2009 में 15 वर्ष से अधिक पुराने बस और मिनीबसों का परिचालन बंद कर दिया गया था। बाद में 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उस नोटिफिकेशन में संशोधन करते हुए वाहनों की आयु सीमा बढ़ाई गई।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में इस विषय पर संबंधित विभाग में चर्चा जारी है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा नोटिफिकेशन को जल्द रद्द किया जाएगा या उसमें संशोधन किया जाएगा। इस संबंध में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
फिलहाल परिवहन क्षेत्र से जुड़े वाहन मालिकों और ऑपरेटरों की नजर सरकार और अदालत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
































