8 महीने में ढहा दूधिया पुल
कोलकाता/सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बालासन नदी पर बना दूधिया पुल बह जाने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुल के ध्वस्त होने को गंभीर मामला बताते हुए इसके निर्माण में भ्रष्टाचार और कथित कटमनी की आशंका जताई है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
नवान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 240.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मिरिक, लेबोंग, मंगपो समेत कई इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं और कई प्रमुख सड़कों को फिर से चालू कर दिया गया है।
लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा बालासन नदी पर बने दूधिया पुल के बह जाने की हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल महज 7 से 8 महीने पहले बनाया गया था। ऐसे में इतनी कम अवधि में इसका ढह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा, “बारिश और बाढ़ प्राकृतिक आपदा है, लेकिन नया बना पुल कुछ ही महीनों में बह जाए, यह सामान्य नहीं है। जांच में यदि भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी या कटमनी का मामला सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित इलाके में वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग को तत्काल निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य अगले चार से पांच दिनों के भीतर आवागमन को सामान्य करना है।
इस बीच अलीपुरद्वार के हापिमारा इलाके में बारिश के दौरान एक चार वर्षीय बच्चे की मौत पर मुख्यमंत्री ने दुख जताया और मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भविष्य में भूस्खलन की घटनाओं को रोकने और समय रहते चेतावनी देने के लिए आधुनिक लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम भी शुरू किया जाएगा।
दूधिया पुल के बहने की घटना अब केवल एक प्राकृतिक आपदा का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि इसके निर्माण की गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।





























