शुभेंदु अधिकारी, बोले- पार्टी आपकी भूमिका पर कर रही है विचार
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के पहले बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन 16 पूर्व भाजपा विधायकों से मुलाकात की, जिन्हें हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके अनुभव और योगदान को नजरअंदाज नहीं कर रही है तथा भविष्य में उनकी भूमिका को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद पूर्व विधायक रवींद्रनाथ माइती, विश्वनाथ करक, आशीष विश्वास, मधुसूदन बाग समेत 16 पूर्व विधायक मुख्यमंत्री के कक्ष में पहुंचे। बताया जा रहा है कि यह बैठक स्वयं शुभेंदु अधिकारी के बुलावे पर हुई थी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायकों से कहा कि संगठन और प्रशासन में उनकी भूमिका को लेकर पार्टी स्तर पर चर्चा चल रही है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य और केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल के साथ भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, दक्षिण बंगाल के कुछ क्षेत्रों में उम्मीदवारों के चयन के दौरान गुटबाजी और आंतरिक विरोध को ध्यान में रखते हुए कई सीटों पर उम्मीदवार बदले गए थे।
बैठक में मौजूद पूर्व विधायक रवींद्रनाथ माइती भी चर्चा का केंद्र रहे। पूर्वी मेदिनीपुर के भगवानपुर से विधायक रह चुके माइती को भी इस बार टिकट नहीं मिला था। राम मंदिर उद्घाटन के समय अयोध्या जाने को लेकर वह पहले भी पार्टी के भीतर चर्चा में रहे थे। गौरतलब है कि राज्य की नई भाजपा सरकार का पहला बजट 22 जून को वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता पेश करेंगे। बजट सत्र 25 जून तक चलेगा। इसी बीच मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायकों के साथ बैठक कर यह संकेत देने की कोशिश की है कि पार्टी अपने पुराने नेताओं को संगठनात्मक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों में व्यस्त रहने के कारण मुख्यमंत्री शुक्रवार को विधानसभा नहीं पहुंच सकते हैं। वहीं, इंग्लिशबाजार के विधायक अम्लान भादुड़ी ने गुरुवार को औपचारिक रूप से मुख्य सचेतक का पदभार संभाल लिया।





























