कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति को दोहराते हुए बड़ा ऐलान किया। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र के अंतिम दिन भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक नया और सख्त कानून लाया जाएगा। इस कानून के तहत दोषियों को केवल जेल ही नहीं भेजा जाएगा, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियां भी जब्त कर नीलाम की जाएंगी।मुख्यमंत्री ने कहा, “कई लोग सोच रहे हैं कि कुछ महीने जेल में रहकर और कानूनी लड़ाई लड़कर बाहर आ जाएंगे। उन्हें याद रखना चाहिए कि अब उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी और नीलामी होगी।”
Abhishek Banerjee पर निशाना
बिना नाम लिए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसद Abhishek Banerjee पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों का उपयोग जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास के लिए किया जाएगा।अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को बख्शने वाली नहीं है।
उन्होंने तृणमूल नेताओं जहांगीर खान और शौकत मोल्ला का भी जिक्र किया और कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा।विधाननगर नगर निगम के पूर्व मेयर Sabyasachi Dutta के खिलाफ चल रही जांच का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा खरीदा गया अधिकांश सोना वर्ष 2021 के बाद खरीदा गया था।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने अदालत को बताया है कि अब तक करीब 6 किलोग्राम सोना और डेढ़ किलोग्राम चांदी जब्त की जा चुकी है।मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) के आयोजन के लिए Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry को 324 करोड़ रुपये नियमों के विपरीत दिए गए थे। उन्होंने कहा कि यह केवल “हिमशैल का ऊपरी हिस्सा” है और आगे भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप की अनुमति नहीं होगी। नियुक्तियां संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर की जाएंगी।
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पूर्व सरकार के समय बीरभूम के पत्थर खदानों से मिलने वाला अधिकांश राजस्व सरकारी खजाने तक नहीं पहुंचता था। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी राशि अवैध रूप से विदेश भेजी जाती थी, जबकि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।विपक्ष के नेता Ritabrata Banerjee पर भी मुख्यमंत्री ने तीखा हमला बोला। साथ ही कोलकाता की सड़कों के नाम बदलने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि शहर में मुगल और पठान शासकों के नाम पर सड़कों के नाम नहीं रखे जाएंगे और इस विषय की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा और विपक्षी नेता के रूप में अपने खिलाफ दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक विरोध और आंदोलनों में किसी प्रकार की बाधा नहीं डाल रही है, जबकि उनके साथ पहले ऐसा व्यवहार नहीं किया गया था।इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस अब दोबारा सत्ता में नहीं लौट पाएगी और उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई लगातार जारी रखेगी।





























