परिवार को 9 लाख की मदद
कोलकाता/हावड़ा: हावड़ा के बागनान में भाजपा कार्यकर्ता प्रशांत डे की हत्या के मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीआईडी (CID) को सौंप दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को नवान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार इस जघन्य हत्या के दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी और अदालत में उनके लिए अधिकतम सजा की मांग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशांत डे की हत्या केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता की मौत नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला गंभीर अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों के हमले में भाजपा कार्यकर्ता की जान गई।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास करेगी कि दोषियों को कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिले। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो सरकार अदालत में कैपिटल पनिशमेंट (मृत्युदंड) की मांग करेगी।”
परिवार को 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस प्रकार प्रशांत डे के परिवार को कुल 9 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
मुख्यमंत्री के अनुसार, बागनान के संतोषपुर क्षेत्र में स्थानीय उप-प्रधान मफिजुल इस्लाम खान के खिलाफ सरकारी योजनाओं में कथित कटमनी वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में लंबे समय से नाराजगी थी। आरोप है कि कुछ स्थानीय लोग पैसे वापस मांगने उनके घर पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और स्थिति हिंसक हो गई।
सरकार का दावा है कि मफिजुल इस्लाम खान, उनके परिजनों और समर्थकों ने लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में लाठी-डंडों और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता प्रशांत डे गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।
आठ आरोपी गिरफ्तार, CID करेगी जांच
मृतक की पत्नी की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। अब मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है, जो हत्या, साजिश और हिंसा के सभी पहलुओं की गहराई से जांच करेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है और आगे भी गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
BJP का आरोप- सुनियोजित हमला था
भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि प्रशांत डे अन्य कार्यकर्ताओं के साथ एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इसी दौरान तृणमूल समर्थित असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया। भाजपा का दावा है कि हमलावर लाठी और लोहे की रॉड से लैस थे और उन्होंने कार्यकर्ताओं की बेरहमी से पिटाई की।
इस हमले में प्रशांत डे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य भाजपा कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज कोलकाता के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
फोन कॉल ने बढ़ाई सनसनी
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि हत्या के बाद आरोपियों में से एक ने फोन कर कहा, “मर्डर कर दिया है, आकर शव ले जाइए।” इस कथित फोन कॉल की भी जांच की जा रही है।
राज्य की राजनीति में गरमाया मुद्दा
बुधवार देर रात बागनान थाना क्षेत्र के संतोषपुर इलाके में हुई इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रशांत डे भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे और बागनान 5 नंबर मंडल के 197 नंबर बूथ के सह-सभापति के पद पर कार्यरत थे।
सीआईडी जांच, आठ आरोपियों की गिरफ्तारी और मुख्यमंत्री द्वारा दोषियों को फांसी तक दिलाने की बात ने इस हत्याकांड को राज्य के सबसे चर्चित राजनीतिक मामलों में शामिल कर दिया है। अब सभी की नजरें सीआईडी जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।





























