- अग्निमित्रा पॉल ने हिंसा करने वालों को दी चेतावनी
कोलकाता: अग्निमित्रा पॉल ने गुंडा दमन बिल पर कहा कि इस बिल का का मकसद क़ानून का राज कायम करना है। अब तक शासक के गुंडों का क़ानून था। रेल लाइन उखाड़ दिये गए थे।आगजनी सरकारी संपत्ति में की गयी। बेलडांगा के एक निवासी की झारखण्ड में अस्वभाविक मौत हुई थी। इस मौत को सांप्रदायिक रूप दिया गया। तांडव मचाया गया। बाद में पता चला कि उसने आत्महत्या की थी। एक मौत का कारण तय होने से पहले कानून अपने हाथ में लेने वालों की ज़िम्मेदारी सरकार क्यों लेगी। जो सरकार उनके ही पक्ष में बात करें, ऐसे में कानून का शासन कैसे लाया जायेगा। इसलिए यह बिल लाना बहुत जरूरी है। पिछली सरकार के राज में पुलिस फ़ाइल माथे पे रख टेबल के अंदर छुपी थी। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि आंदोलन का अधिकार बिल्कुल है लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर आर्थिक भार खुद वहन करना होगा। यह अन्याय और नहीं चल सकता।
कमीशन सोचेगा कि कितना नुकसान हुआ। कमीशन ही आंकलन करेगा और सजा तय करेगा। उकसाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हिंसात्मक बयान देने वालों पर करवाई की जाएगी। यह कोई राजनीतिक प्रतिहिंसा नहीं है । क़ानून की आँखों में सब समान है। पश्चिम बंगाल में कानून तोड़ने के पहले अपराधी दस बार सोचेंगे। यह बिल निरपराध लोगों के खिलाफ नहीं है । हम डर दिखाने नहीं, प्रतिहिंसा नहीं, जवाबदेही प्रतिष्ठित करने आये हैं। कानून का शासन कायम करने आये हैं।





























