पुलिस के कार्य में पारदर्शिता लाने और आम जनता से सीधे शिकायतें प्राप्त करने के उद्देश्य से चार विशेष टोल-फ्री नंबर लॉन्च किए गए हैं।
कोलकाता : भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। राज्य के लोग इस नंबर का इस्तेमाल किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या अपराध की शिकायत करने के लिए कर सकते हैं। इससे ‘कट-मनी’ की मांग से लेकर अवैध टोल वसूली या अवैध शराब के अड्डे आदि के बारे में शिकायतें की जा सकती हैं। यह हेल्पलाइन बुधवार से चालू हो गई।
मामले जिनकों लेकर मिली हैं शिकायतें
पहले ही दिन लगभग 2,000 शिकायतें मिलीं, जिनमें सिर्फ़ ‘कट-मनी’, सिंडिकेट या अवैध टोल वसूली से अधिक मामले शामिल रहे। नवान्न कंट्रोल रूम में कई तरह की समस्याओं जैसे ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना, ज़मीन और संपत्ति से जुड़े विवाद, सड़कों की जर्जर हालत, जल निकासी व्यवस्था और जल-जमाव आदि के बारे में लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। कंट्रोल रूम में मिलने वाली हर शिकायत संबंधित विभाग को भेजी जा रही है। जिन चार खास मुद्दों के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई थी, उनसे जुड़ी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को तुरंत भेजा जा रहा है ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
क्या है उद्दश्य
पुलिस के कार्य में पारदर्शिता लाने और आम जनता से सीधे शिकायतें प्राप्त करने के उद्देश्य से चार विशेष टोल-फ्री नंबर लॉन्च किए गए हैं। लॉन्च किए गए नंबर इस प्रकार हैं: ‘कट-मनी’ से संबंधित शिकायतों के लिए 155334; सिंडिकेट से जुड़े अपराधों के लिए 155335; सड़क कर या टोल की अवैध वसूली की शिकायतों के लिए 155337; और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों के लिए 155339।
कब तक कर सकते हैं शिकायत
इन नंबरों पर रोज़ाना सुबह 8 बजे से रात 10 बजे के बीच शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। समय-समय पर मुख्यमंत्री खुद नवान्न में बने स्पेशल कंट्रोल रूम का निरीक्षण करेंगे।
गलत इस्तेमाल की मनाही
टोल-फ़्री नंबर के गलत इस्तेमाल या निजी दुश्मनी की वजह से गलत जानकारी देने पर सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हर कॉल रिकॉर्ड की जाएगी
हर कॉल रिकॉर्ड की जाएगी। ज़रूरत पड़ने पर भविष्य में इन रिकॉर्डिंग्स को दोबारा सुना जा सकेगा।
AI का इस्तेमाल
शिकायतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है। इसके बाद, पुलिस अधिकारी हर शिकायत की अलग-अलग जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।
सीएम को भेजी जाएगी नियमित रिपोर्ट
मुख्यमंत्री को नियमित रूप से विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएंगी, जिनमें शिकायतों की संख्या, उनका समाधान और की गई कार्रवाई की जानकारी शामिल होगी।































