मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर कहा कि 12 से 15 लोग अभी भी फंसे हुए हैं
कोलकाता : तारातला में हुए हादसे में मरने वालो की संख्या 9 हो गई है तथा लगभग 19 लोग एसएसकेएम हॉस्पिटल में दाखिल हैं। तारातला में गिरे गोदाम के अंदर कई लोगों के फसने की आशंका है । सेना पहले ही मौके पर पहुंच चुकी है। उन्होंने बचाव का काम शुरू कर दिया है। फायरफाइटर्स और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स या NDRF के सदस्य पहले से ही मौके पर हैं। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद उन्होंने कहा कि 12 से 15 लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। 18 लोगों को ज़िंदा बचा लिया गया है। 5 लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा बुधवार रात का था लेकिन गुरुवार की सुबह तक मारने वालोंकी संख्या 9 हो गई थी।
इसके पूर्व की खबर में कहा गया था कि बचाव के काम में तेज़ी लाने के लिए मौके पर कई क्रेन लाई गई हैं। हाइड्रोलिक क्रेन जो 50 टन तक वज़न उठा सकती है, उसे भी लाया गया है। उस क्रेन की मदद से गिरे हुए स्ट्रक्चर को अपनी जगह पर रखा गया है ताकि वह दोबारा न गिरे। शुरुआत में माना जा रहा है कि गोदाम करीब 20,000 स्क्वायर फीट के एरिया में था। चूंकि मेन स्ट्रक्चर के अंदर कोई दीवार या अलग कमरे नहीं थे, इसलिए पूरा हिस्सा एक ही बार में गिर गया। ज़्यादा वज़न न झेल पाने के कारण लोहे के बीम भी जगह-जगह से मुड़ गए। पहले, बचाव दल ने गिरे हुए स्ट्रक्चर के पीछे की जगह काटकर अंदर घुसने की कोशिश की। लेकिन वह कोशिश नाकाम रही।
इसके बाद, हाइड्रोलिक सीढ़ी पर चढ़कर अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की गई। लेकिन वेल्डिंग और लोहे की बीम की मोटी परत को तोड़ने में थोड़ा समय लगा। हालांकि, कुछ हिस्सों में छेद किए गए ताकि अंदर हवा आ-जा सके। इससे अंदर फंसे लोगों की पहचान करने में भी मदद मिली। अब तक गिरे हुए गोदाम से 14 लोगों को बचाया गया है। उन्हें गंभीर हालत में SSKM अस्पताल भेजा गया है। पुलिस बाकी लोगों की तलाश के लिए खोजी कुत्तों को ले गई है। गोदाम में काम करने वाले कई मज़दूर अभी भी लापता हैं। एक महिला ने दावा किया कि उसे अपना पीरियड नहीं मिल रहा है। मौके पर एक बड़ा जनरेटर पहले ही ले जाया जा चुका है। बचावकर्मी बिजली सप्लाई का इंतज़ाम कर रहे हैं, यह मानकर कि बचाव का काम रात में भी जारी रह सकता है। मौके पर एक टेम्पररी मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है।
राज्य की नगरपालिका मंत्री अग्निमित्रा पॉल, डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय, डॉ इंद्रनील खां, उमेश राय, दमकल मामलों के मंत्री कौशिक चौधरी, एस पी मुख़र्जी पोर्ट ट्रस्ट के डिप्टी चेयरमैन सम्राट राही, भाजपा नेता राकेश सिंह, वाम मोर्चा के नेता फैयाज खान मौके पर गए। कोलकाता नगर निगम की कमिश्नर स्मिता पांडे, कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंदा, पुलिस DC और कई बड़े अधिकारी मौके पर हैं। कई एम्बुलेंस भी हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तारातला वेयरहाउस में पिछले डेढ़ साल से कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। कई मंज़िल ऊंचे वेयरहाउस की छत बुधवार दोपहर को गिर गई। वहां कई मज़दूर काम कर रहे थे। सूत्रों का दावा है कि लोहे के स्ट्रक्चर पर कंक्रीट की एक परत रखी गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्ट्रक्चर सुबह से हिल रहा था। कुछ मज़दूर उसे चेक करने गए थे। तभी अचानक छत गिर गई। सभी नीचे फंस गए। शुरू में पता चला है कि यह पोर्ट अथॉरिटी की ज़मीन है। इसे एक चाय कंपनी को लीज़ पर दिया गया था। वे ही पिछले डेढ़ साल से वेयरहाउस में कंस्ट्रक्शन का काम कर रहे थे। वेयरहाउस का कॉन्ट्रैक्टर भी अंदर फंसा हुआ बताया जा रहा है। दोपहर 12 बजे के बाद फ़ायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों को तारातला में हुई इस आपदा की जानकारी दी गई। कई गाड़ियां वहां भेजी गई हैं।





























