बरानगर, जगद्दल जूट इंडस्ट्रीज और एमको जूट मिल खुलने से 7,500 से अधिक श्रमिकों को मिलेगा रोजगार
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बंद पड़ी जूट मिलों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की पहल पर बरानगर जूट मिल, जगद्दल जूट इंडस्ट्रीज और एमको जूट मिल को अगले 2 से 3 दिनों के भीतर फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। इन तीनों मिलों के दोबारा शुरू होने से करीब 7,500 श्रमिकों को रोजगार वापस मिलेगा।
मुख्य बातें (Highlights)
बरानगर, जगद्दल जूट इंडस्ट्रीज और एमको जूट मिल अगले 2-3 दिनों में खुलेंगी।
मिल प्रबंधन बुधवार को आधिकारिक नोटिस जारी करेगा।
शुरुआत में मेंटेनेंस कार्य शुरू होगा, इसके बाद चरणबद्ध तरीके से उत्पादन शुरू किया जाएगा।
लगभग 7,500 श्रमिकों को फिर से काम मिलेगा।
लक्ष्य है कि 10 जुलाई तक राज्य की सभी बंद जूट मिलों को चालू कर दिया जाए।
न्यू सेक्रेटेरिएट में हुई महत्वपूर्ण बैठक
मंगलवार को न्यू सेक्रेटेरिएट स्थित श्रम विभाग में श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की मौजूदगी में तीनों बंद जूट मिलों के मालिकों और श्रमिक यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठक हुई।
बैठक में विशेष श्रम आयुक्त आशीष सरकार, अतिरिक्त श्रम आयुक्त रजत पाल, बैरकपुर के उप श्रम आयुक्त मनोज साहा तथा सहायक श्रम आयुक्त हृत्विक मुखर्जी भी उपस्थित रहे।
चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा उत्पादन
बैठक में सहमति बनी कि पहले मिलों में आवश्यक मेंटेनेंस और मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद मशीनों को चालू कर चरणबद्ध तरीके से उत्पादन शुरू किया जाएगा।
हजारों श्रमिकों को राहत
श्रम विभाग के अनुसार, लगातार बंद जूट मिलों के खुलने से हजारों श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। इन तीनों मिलों के चालू होने से लगभग 7,500 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार का लक्ष्य
श्रम मंत्री अर्जुन सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत, विकसित बंगाल” के संकल्प और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंद जूट मिलों को पुनर्जीवित करने का अभियान जारी है। इससे जूट उद्योग को मजबूती मिलने के साथ-साथ श्रमिकों और मिल मालिकों—दोनों को लाभ होने की उम्मीद है।





























