जनगणना शुरू होने के साथ ही 2,200 निवासियों के सामने खड़ा हुआ संकट
कोलकाता : गाँव मौजूद है, यहाँ के लोग मौजूद हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में गाँव का कोई अस्तित्व नहीं है। जनगणना की प्रक्रिया के शुरू होने के बीच, हुगली ज़िले के खलसी गाँव के सामने अपनी पहचान का संकट खड़ा हो गया है। हुगली के चिनसुराह-मोगरा ब्लॉक में होएरा-डिगसुई ग्राम पंचायत के अंतर्गत 18 गाँव आते हैं। खलसी इन्हीं गाँवों में से एक है। खलसी की आबादी लगभग 2,200 है, जिसमें 1,200 पंजीकृत मतदाता हैं। पंचायत के बाकी 17 गांवों के कोड जनगणना पोर्टल पर मौजूद हैं। वे सरकारी रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं, सिर्फ़ खलसी गांव का नाम ही गायब है।
क्या है समस्या
इस वजह से, सालों से ग्रामीण अपने गाँव का नाम सरकारी रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण-पत्र या आधार कार्ड में दर्ज नहीं करवा पाए हैं। चिट्ठियाँ और पार्सल एक किलोमीटर दूर स्थित डिगसुई गाँव के पते पर भेजे जाते हैं और अक्सर वापस आ जाते हैं।
सरकारी पोर्टल में नहीं नाम
जनगणना शुरू हो गई है। अभी खुद से जानकारी भरने (सेल्फ़-एन्यूमरेशन) का चरण चल रहा है। खलसी गाँव के लोग सरकारी पोर्टल पर अपने गाँव का नाम नहीं ढूँढ पा रहे हैं।




























