मालदा से कोलकाता तक कार्रवाई
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने सात दिवसीय विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय ने संवाददाता सम्मेलन में अभियान के दौरान हुई कार्रवाई और राज्य में ब्लड बैंक से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अहम जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नागरिक जो खाना खरीदकर खा रहे हैं, वह सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हो, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। खाद्य प्रतिष्ठानों और अन्य संबंधित संस्थानों पर लगातार निगरानी रखना विभाग का कर्तव्य है।
राज्य में 30 मोबाइल फूड लैब
राज्य में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए कुल 30 मोबाइल फूड लैब काम कर रही हैं। इनमें से दो लैब दार्जिलिंग में हैं—एक पहाड़ी क्षेत्र और दूसरी समतल क्षेत्र के लिए। वहीं कोलकाता में दो मोबाइल फूड लैब उपलब्ध हैं। बाकी 26 जिलों में एक-एक मोबाइल फूड लैब तैनात है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, ये अत्याधुनिक मोबाइल लैब हैं और इनके माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जा सकती है।
दो दिन में 1730 निरीक्षण, 13 दुकानें बंद
विशेष अभियान के शुरुआती दो दिनों में 1730 निरीक्षण किए गए। रेस्तरां और जल परियोजनाओं समेत 1525 स्थानों पर अनियमितताएं सामने आईं।
अधिकारियों के अनुसार:
1517 प्रतिष्ठानों के खिलाफ सुधारात्मक कार्रवाई की गई।
खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए।
5 लाइसेंस रद्द किए गए।
13 दुकानें बंद कराई गईं।
17 मामलों में आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम लोगों और दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी है।
मालदा में कई पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांट पर कार्रवाई
मालदा में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर से जुड़े कई प्लांटों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में छह फैक्ट्रियों को बिक्री बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। ऋत्विक वाटर प्लांट समेत कई संस्थानों की जांच की गई।
इसके अलावा मालदा में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े एक प्लांट को भी बंद कराया गया।
इन रेस्तरां और दुकानों पर भी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान कई चर्चित प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, मालदा में जायका रेस्तरां और श्रीकृष्ण स्वीट्स शॉप को बंद किया गया।
मध्यमग्राम में रंग दे बसंती को भी बंद कराया गया।
वहीं आरडीबी मॉल स्थित बार्बीक्यू नेशन का लाइसेंस सस्पेंड किया गया और जस्ट बंगाली की बिक्री बंद करने का निर्देश दिया गया।
जांच के दौरान कुछ जगहों पर पुराना चिकन और मछली पाए जाने की बात सामने आई। एक स्थान पर रोटी को अखबार में लपेटकर दिए जाने की शिकायत भी मिली।
नवदिगंत के काठी रोल की बिक्री बंद कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि वहां चिकन पुराना था और खाद्य गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। एक जगह आधा पका हुआ खाना डीप फ्रीजर में रखे जाने की भी जानकारी सामने आई।
इसके अलावा मालदा के अर्सलान बिरयानी, सोडपुर के बार्बीक्यू नेशन और बिधाननगर के चौरसिया चाट से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई।
बिधाननगर के चौरसिया चाट में मेटानिल येलो पाए जाने की बात अधिकारियों ने कही। वहीं चखना वाला का लाइसेंस सस्पेंड किया गया। बहरमपुर की विश्वास बेकरी भी जांच के दायरे में रही।
ब्लड बैंक और रक्तदान शिविरों पर भी सरकार की नजर
संवाददाता सम्मेलन में ब्लड बैंक को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। राज्य में 73 निजी रक्त शिविरों के संबंध में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि दो को छोड़कर बाकी 71 ब्लड बैंकों को रक्त लेने की अनुमति दी गई है।
हेल्थ पॉइंट और लाइफकेयर से जुड़े मामलों पर भी विभाग की नजर है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कॉलेजों को नोटिफिकेशन भेजा जा रहा है, ताकि छात्रों को रक्तदान शिविरों में जाने से रोका जा सके। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक ब्लड बैंक के पास लगभग 700-800 डॉक्टरों के नाम की सूची रहती है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र भी शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, यदि कोई छात्र पहली बार नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसे चेतावनी दी जाएगी। दोबारा ऐसा होने पर कार्रवाई की जाएगी।
लाइफकेयर मामले में कल सुनवाई
लाइफकेयर से जुड़े मामले में स्वास्थ्य विभाग ने दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, लाइफकेयर की ओर से जमा की गई दस्तावेजों की फाइल को खोला नहीं जा पा रहा है।
इस मामले में कल सुनवाई होनी है। स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। लाइफकेयर को भी इसकी जानकारी दी गई है।
ब्लड बैंक के लिए बनेगा हाई-क्वालिटी मोबाइल ऐप
राज्य में ब्लड बैंक से संबंधित जानकारी और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक उच्च गुणवत्ता वाला मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ब्लड बैंक से जुड़ी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।




























