बेनियापुकुर लेन के फ्लैट में चल रहा था कथित अवैध कॉल सेंटर, ₹10.10 लाख नकद समेत मोबाइल-लैपटॉप जब्त
कोलकाता : कोलकाता पुलिस ने अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर टेलीफोन कॉल के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बेनियापुकुर लेन स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फ्लैट में अवैध रूप से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था, जहां से आरोपियों द्वारा अमेरिका में रहने वाले लोगों से संपर्क कर कथित तौर पर ठगी की जाती थी।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अनस, अयान हुसैन और सैयद जैद के रूप में की है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, एक टैबलेट, छह चेकबुक और ₹10.10 लाख नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, जांच के दौरान कई संदिग्ध और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।
PayPal कर्मचारी बनकर करते थे संपर्क
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर PayPal के कर्मचारी बनकर अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते थे। इसके लिए वे VoIP कॉल का इस्तेमाल करते थे। बातचीत के दौरान लोगों को अलग-अलग तरीकों से भरोसे में लेकर उनकी संवेदनशील बैंकिंग जानकारी और अन्य क्रेडेंशियल हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी इसके बाद विभिन्न रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन के जरिए पीड़ितों के कंप्यूटर या अन्य डिवाइस तक पहुंच बनाने की कोशिश करते थे। इस दौरान बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल कर कथित तौर पर रकम अपने नियंत्रण वाले खातों या विभिन्न पेमेंट गेटवे के माध्यम से ट्रांसफर की जाती थी।
निजी जानकारी के जरिए ठगी का आरोप
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी निजी और संवेदनशील जानकारी भी मौजूद थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसी जानकारी का इस्तेमाल पीड़ितों को निशाना बनाने और उनसे पैसे ऐंठने के लिए किया जाता था।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित रैकेट में कुल कितनी रकम की ठगी की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों के अलावा इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और ठगी की रकम किन-किन खातों या पेमेंट चैनलों के जरिए भेजी जाती थी।
पुलिस जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच से इस साइबर ठगी के नेटवर्क और इसके अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।





























