शुक्रवार को हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत समेत कई ट्रेनें रद्द; कई ट्रेनों का रूट बदला गया
कोलकाता : भारी बारिश के बाद मुर्शिदाबाद जिले में न्यू फरक्का और कालियादंगा रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक के नीचे जमीन धंसने से उत्तर और दक्षिण बंगाल के बीच रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह घटना बुधवार रात हुई थी। ट्रैक की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई ट्रेनों को रद्द किया है, जबकि कुछ ट्रेनों का मार्ग बदला गया है और कुछ की यात्रा बीच में ही समाप्त की गई है।
रेलवे के अनुसार, प्रभावित हिस्से की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि, जमीन के लगातार खिसकने और प्रभावित क्षेत्र के बढ़ने से परिचालन सामान्य करने में चुनौती आ रही है।
शुक्रवार को वंदे भारत समेत कई ट्रेनें रद्द
रेलवे ने शुक्रवार, 4 सितंबर को हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (22301/22302) को रद्द कर दिया। इसके अलावा हावड़ा-बालुरघाट एक्सप्रेस (13063) और हावड़ा-राधिकापुर कुलिक एक्सप्रेस (13053) भी शुक्रवार के लिए रद्द की गईं।
गुरुवार को भी कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था। इनमें सियालदह-सहरसा हाटे बाजारे एक्सप्रेस और मालदा टाउन-गोमती नगर अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल थीं।
इसके अलावा, कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया। कई ट्रेनों को नलहाटी-अजीमगंज-न्यू फरक्का मार्ग से डायवर्ट किया गया। वहीं, दीघा-मालदा टाउन एक्सप्रेस की यात्रा को छोटा कर रामपुरहाट तक सीमित किया गया।
बुधवार रात धंसी थी ट्रैक के नीचे की जमीन
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के बाद बुधवार रात न्यू फरक्का और कालियादंगा स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक के नीचे जमीन धंस गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद रेलवे ने तत्काल प्रभावित हिस्से पर ट्रेन परिचालन रोक दिया और मरम्मत का काम शुरू कराया।
प्रभावित हिस्से को स्थिर करने के लिए रेलवे की इंजीनियरिंग टीम मौके पर काम कर रही है। जमीन को भरने और ट्रैक को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मरम्मत के दौरान ट्रैक के पास जमीन के एक हिस्से के और खिसकने से स्थिति जटिल हुई। इसी वजह से रेलवे को प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी करनी पड़ रही है।
यात्रियों को हो रही परेशानी
ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग बदलने से उत्तर बंगाल जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सप्ताहांत में उत्तर बंगाल जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि उत्तर और दक्षिण बंगाल के बीच रेल संपर्क पूरी तरह कट गया है। रेलवे ने कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया है, जबकि कई सेवाओं को रद्द या नियंत्रित किया गया है। इस तरह प्रभावित मार्ग पर रेल परिचालन पूरी तरह बंद होने के बजाय सीमित और परिवर्तित हुआ है।
मरम्मत का काम जारी
रेलवे की इंजीनियरिंग टीम प्रभावित हिस्से को सुरक्षित बनाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही सामान्य परिचालन बहाल किया जाएगा।
फिलहाल रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। इसलिए मरम्मत पूरी होने तक प्रभावित सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है।
फरक्का रूट क्यों है महत्वपूर्ण?
न्यू फरक्का रेलवे क्षेत्र पूर्वी भारत में रेल संपर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मार्ग के जरिए कोलकाता और दक्षिण बंगाल का संपर्क उत्तर बंगाल तथा बिहार और पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाले रेल मार्गों से जुड़ता है। इसलिए यहां ट्रैक प्रभावित होने का असर कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ता है।
रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और रूट की जानकारी जांचने की अपील की है, क्योंकि परिचालन संबंधी बदलाव स्थिति के अनुसार किए जा सकते हैं।





























