कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुवेंदु अधिकारी का खास तौर पर धन्यवाद किया।
सिलीगुड़ी : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी में SSB फ्रंटियर हेडक्वार्टर में एक खास कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले मुख्यमंत्री को ऐसे कार्यक्रमों में बुलाया जाता था, लेकिन वे शामिल नहीं होती थीं।उन्होंने इस बार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुवेंदु अधिकारी का खास तौर पर धन्यवाद किया।ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने सुवेंदु अधिकारी की भी जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि पहले बार-बार अनुरोध करने के बाद भी सीमा सुरक्षा के लिए ज़मीन मिलना मुश्किल होता था, जबकि अब औपचारिक पत्र भेजे जाने से पहले ही राज्य सरकार की मंज़ूरी मिल जाती है।
बॉर्डर सिक्योरिटी को प्राथमिकता
सुवेंदु अधिकारी ने पहले दिन से ही बॉर्डर सिक्योरिटी को प्राथमिकता दी है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को मज़बूत करने के लिए 560 एकड़ ज़मीन की ज़रूरत थी।ममता बनर्जी की सरकार इतने सालों तक इसे उपलब्ध कराने में नाकाम रही। मैं सुवेंदु अधिकारी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ, क्योंकि उन्होंने पद संभालते ही तुरंत इसकी मंज़ूरी दे दी। आज इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी सोने पे सुहागा है।
‘वंदे मातरम‘ का महत्व
गृह मंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के महत्व को फिर से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद लंबे समय तक यह गीत पूरे रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया, लेकिन हाल के बदलावों ने इसे इसका उचित सम्मान दिलाने में मदद की है।इस ऐतिहासिक कदम से नई और आने वाली पीढ़ियों को ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के सच्चे राष्ट्रवादी दृष्टिकोण और उनके योगदान के बारे में अधिक स्पष्ट और विस्तृत समझ मिल सकेगी। आज़ादी और बंटवारे के बाद भी, ‘वंदे मातरम’ को कभी सच्चे दिल से नहीं अपनाया गया। संसद में इसे सब लोग खड़े होकर गाते थे, फिर भी कई लोगों को जिनमें वे खुद भी शामिल थे, इस बात का दुख था कि यह गीत कभी पूरा नहीं गाया गया। आज़ादी के 80वें जश्न के साथ सब कुछ बदल गया, क्योंकि पहली बार ‘वंदे मातरम’ का पूरा वर्शन गाया गया ।





























