मठों में भक्ति का ढोंग कर चोरी करने वाला शातिर गिरफ्तार
कोलकाता: होंठों पर कृष्ण नाम, चेहरे पर भक्ति का भाव और पहनावा ऐसा कि पहली नजर में कोई भी उसे साधु या भक्त समझ बैठे। लेकिन पुलिस के मुताबिक, इसी धार्मिक पहचान की आड़ में वह वैष्णव मठों में घुसता था और मौका मिलते ही तिजोरी पर हाथ साफ कर फरार हो जाता था। मठों में ठहरकर चोरी करने वाले कथित शातिर पलाश को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी धार्मिक वेशभूषा में वैष्णव मठों में पहुंचता था। वहां भक्ति का प्रदर्शन कर एक-दो रात ठहरने की अनुमति मांगता। मठ प्रबंधन का भरोसा जीतने के बाद उसकी नजर नकदी और कीमती सामान पर टिक जाती। मौका मिलते ही चोरी को अंजाम देकर वह गायब हो जाता था।
एक मामला सामने आया चेतला के गोविंद आहूजा रोड स्थित एक वैष्णव मठ से। मठ के अध्यक्ष ने आरोपी की धार्मिक वेशभूषा और कथित भक्तिभाव देखकर उसे ठहरने की अनुमति दी थी। बाद में मठ की नकदी पेटी से करीब ढाई लाख रुपये गायब मिले।
इतना ही नहीं, एक संन्यासी के कमरे से सोने की नामकी और चांदी का चम्मच भी चोरी होने की बात सामने आई। इसके बाद चेतला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने जांच शुरू की।
चेतला ही नहीं, दमदम-बागबाजार तक पहुंचा चोरी का नेटवर्क
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि आरोपी पहले भी कई वैष्णव मठों को निशाना बना चुका है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दमदम के एक मठ से करीब 6 लाख रुपये और बागबाजार के एक मठ से एक लाख रुपये से अधिक की चोरी के आरोप भी उसके खिलाफ सामने आए हैं।
पुलिस का दावा है कि आरोपी का तरीका लगभग हर जगह एक जैसा था—पहले भक्त बनकर मठ में प्रवेश, फिर भरोसा कायम करना और उसके बाद नकदी व कीमती सामान पर हाथ साफ करना।
जेल से निकलते ही मठ बने नया निशाना!
पुलिस जांच में आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, पलाश को पहले नदिया में मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह कई वर्षों तक जेल में रहा था। इसके अलावा कृष्णानगर के पुलिस अधीक्षक के नाम का कथित इस्तेमाल कर वसूली करने के आरोप में भी उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है।
करीब पांच महीने पहले जेल से बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर अपना तरीका बदला और वैष्णव मठों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, पलाश पहले नदिया में रहता था। बाद में वह पत्नी और बेटी के साथ बेलघरिया में किराये के मकान में रहने लगा। पुलिस की भनक लगते ही वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा।
कभी नेहाटी तो कभी उत्तर 24 परगना के दूसरे इलाकों में छिपता रहा। आरोप है कि वह नेहाटी पहुंचकर मोबाइल चालू करता और पत्नी से WhatsApp कॉल पर बात करता। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही फिर वहां से निकल जाता था।
पुरी के मठों पर भी थी नजर!
जांच में पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि 25 अगस्त को चेटला के मठ में चोरी के बाद आरोपी पुरी भागने की तैयारी में था। पुलिस को शक है कि उसका अगला निशाना पुरी के वैष्णव मठ हो सकते थे।
इसी बीच चेटला थाने के अधिकारियों संदीप पाल और सोमेश मजूमदार के नेतृत्व में जांच टीम ने उसकी तलाश तेज कर दी।
गैरेज में बाइक लेने पहुंचा था
पुलिस ने आरोपी की बाइक के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पता चला कि बाइक आगरपाड़ा के एक गैरेज में रखी गई है। पुलिस को भनक मिली कि आरोपी बाइक लेने वहां पहुंचने वाला है।
पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में गैरेज के आसपास तैनात हो गए। जैसे ही पलाश बाइक लेने पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में पुलिस अब उससे कथित चोरी की वारदातों, चोरी की रकम और उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल है—भक्ति का चोला पहनकर इस शातिर ने कितने मठों को निशाना बनाया और कितनी रकम समेटी? पुलिस अन्य मठों से कथित तौर पर चोरी हुई नकदी और सामान बरामद करने की कोशिश में जुटी है।





























