फर्जी कॉल सेंटर से देशभर में लोगों को बनाते थे निशाना, 5G टावर के नाम पर मांगते थे रुपये
कोलकाता : मोबाइल टावर लगाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का कोलकाता पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बुधवार शाम कस्बा थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर 66 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि गिरोह के सदस्य एक नामी मोबाइल नेटवर्क कंपनी के प्रतिनिधि बनकर देशभर में लोगों को फोन करते थे और उनकी जमीन या संपत्ति पर 5G मोबाइल टावर लगाने के बदले मोटी रकम मिलने का लालच देते थे।
टावर लगाने के नाम पर लेते थे ‘प्रोसेसिंग फीस’
लालबाजार पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य खुद को बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के कर्मचारी, बैंक अधिकारी या इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि बताते थे। लोगों को बताया जाता था कि उनकी जमीन या संपत्ति पर 5G मोबाइल टावर लगाया जाएगा और इसके बदले उन्हें नियमित तौर पर मोटी रकम मिलेगी।
इसके बाद टावर लगाने की प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर पीड़ितों से करीब एक लाख रुपये तक की ‘प्रोसेसिंग फीस’ जमा करने को कहा जाता था। रकम एक निश्चित बैंक खाते में ट्रांसफर कराने के बाद आरोपी संपर्क तोड़ देते थे।
दो फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी
पुलिस को मिली शिकायतों के आधार पर बुधवार को दो फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में 41 महिलाएं और 25 पुरुष हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने 39 मोबाइल फोन, 9 चार्जर, 9 डायरियां, 2 एटीएम/डेबिट कार्ड और 16 हजार रुपये नकद बरामद किए।
टावर ही नहीं, इंश्योरेंस और लोन के नाम पर भी ठगी
शुरुआती पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी एक संगठित धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क के लिए काम करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह सिर्फ 5G मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ही लोगों को नहीं ठगते थे, बल्कि आकर्षक इंश्योरेंस पॉलिसी, हेल्थ इंश्योरेंस और कम ब्याज दर पर बिजनेस व पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर भी लोगों से पैसे वसूले जाते थे।
पुलिस अब गिरोह के मास्टरमाइंड, बैंक खातों और देशभर में इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।





























