पश्चिम बंगाल सरकार ने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की निगरानी और निरीक्षण के लिए नया आदेश जारी किया है। बिना NOC, मान्यता और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी प्राइवेट अनएडेड स्कूलों की निगरानी और नियामकीय व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निजी स्कूलों की मान्यता, रिकॉर्ड, सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक नियमों की जांच करने के लिए कहा है । आदेश में कहा गया है कि कई निजी स्कूल बिना आवश्यक NOC या सरकारी मान्यता के संचालित होने तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं। यह छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
क्या है सरकार की योजना
सभी निजी स्कूलों का जिला स्तर पर डेटाबेस बनाया जाएगा।
स्कूलों के NOC, मान्यता और रिकॉर्ड की जांच होगी।
हर सप्ताह कम से कम एक निजी स्कूल का निरीक्षण होगा ।
बिना मान्यता वाले स्कूलों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से फोटो के साथ अपलोड की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
जांच के विषय
छात्र नामांकन
योग्य शिक्षकों की उपलब्धता
शिक्षक-छात्र अनुपात
भवन एवं कक्षा की स्थिति
अग्नि सुरक्षा और भवन सुरक्षा
पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था
पुस्तकालय, प्रयोगशाला और खेल सुविधाएं
शिक्षक संगठन ने किया स्वागत
बंगीय शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, “यदि सरकार इन कदमों को ईमानदारी से लागू करती है तो यह निश्चित रूप से स्वागतयोग्य है। कई निजी स्कूल सरकारी मंजूरी लेकर मनमानी करते हैं। अधिकांश स्कूल शिक्षक और शिक्षाकर्मियों को निर्धारित वेतन नहीं देते, जबकि अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलते है।
क्या होगा असर
आदेश को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ सकती है, शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा हो सकती है और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ को नियंत्रित करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।































