भाई-बहन के अवैध कारोबार का खुलासा
अलीपुरद्वार : बाहर से देखने पर टीन की छत वाला छोटा-सा एक कमरे का घर और बेहद साधारण जीवन। पड़ोसियों को भी लगता था कि यहां रहने वाला भाई-बहन किसी तरह अपना गुजारा कर रहे हैं। लेकिन पुलिस की छापेमारी के बाद इस घर की असली तस्वीर सामने आई। तलाशी के दौरान बिस्तर के नीचे से लाखों रुपये नकद और जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया गांजा बरामद किया गया।
मामला अलीपुरद्वार के वार्ड नंबर 9 के सूर्यनगर इलाके का है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक घर में गांजा छिपाकर रखा गया है और वहां से अवैध कारोबार चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घर में छापेमारी की।
बिस्तर हटाते ही मिले नोटों के बंडल
पुलिस की तलाशी के दौरान कमरे में रखे बिस्तर को हटाया गया। इसके नीचे भारी मात्रा में नकदी देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। बरामद रकम में 10, 20, 50, 100 और 500 रुपये के नोटों के अलावा सिक्के भी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, घर से कुल 4 लाख 86 हजार 660 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
जमीन के नीचे बाल्टियों में छिपा था गांजा
नकदी बरामद होने के बाद पुलिस ने घर की गहन तलाशी शुरू की। इस दौरान फर्श के नीचे छिपाकर रखी गई बाल्टियां बरामद हुईं। इनमें बड़ी मात्रा में गांजा रखा हुआ था। पुलिस ने करीब 6.5 किलोग्राम गांजा जब्त किया है।
पुलिस को आशंका है कि गांजे को लंबे समय से घर में छिपाकर रखा जा रहा था और यहीं से इसके अवैध कारोबार को संचालित किया जा रहा था।
पुलिस पहुंची तो फरार हो गए भाई-बहन
पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही घर में रहने वाले भाई-बहन मौके से फरार हो गए। दोनों को पकड़ने के लिए पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दोनों कितने समय से इस कथित अवैध कारोबार में शामिल थे और उनके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
पड़ोसी भी रह गए हैरान
घटना का खुलासा होने के बाद स्थानीय लोग भी हैरान हैं। पड़ोसियों के मुताबिक, घर और वहां रहने वाले लोगों की जीवनशैली बेहद सामान्य थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि इसी छोटे से घर में लाखों रुपये नकद और इतनी बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने बरामद नकदी और गांजे को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि गांजा कहां से लाया जाता था, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और बरामद नकदी का संबंध इस कथित अवैध कारोबार से है या नहीं।
फिलहाल फरार भाई-बहन की तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे कथित रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और अवैध कारोबार के नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।
































