शिक्षा विभाग ने जिलों से मांगी कपड़ों की आवश्यकता की रिपोर्ट
कोलकाता : पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म के लिए कपड़ों की आवश्यकता का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह सर्वे शैक्षणिक वर्ष 2027 को ध्यान में रखते हुए कराया जाएगा।
7 जुलाई 2026 को जारी इस ज्ञापन में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DI of Schools) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिले के सभी स्कूलों से यूनिफॉर्म के लिए आवश्यक कपड़े, उनके रंग और प्रकार की जानकारी एकत्र करें।
दस्तावेज में उल्लेख है कि सर्वे के आधार पर कपड़ों की खरीद और उत्पादन की योजना बनाई जाएगी, ताकि पात्र छात्रों को समय पर स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा सके।ज्ञापन के अनुसार, अधिकारियों को स्कूलों से प्राप्त जानकारी का सत्यापन करने और 15 दिनों के भीतर समेकित रिपोर्ट स्कूल शिक्षा निदेशालय को भेजनी होगी। इस कार्य को “टॉप प्रायोरिटी” देते हुए तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि सर्वे के लिए एक निर्धारित गूगल शीट फॉर्म उपलब्ध कराया गया है, जिसमें लड़कों और लड़कियों की यूनिफॉर्म के लिए अलग-अलग कपड़ों और रंगों का विवरण भरना होगा।हालांकि, इस ज्ञापन में यूनिफॉर्म बदलने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल शिक्षा विभाग ने केवल स्कूलवार कपड़ों की आवश्यकता और रंगों से संबंधित जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है। आगे सरकार की ओर से कोई अंतिम निर्णय या अधिसूचना जारी होने पर ही यूनिफॉर्म में बदलाव की स्थिति स्पष्ट होगी।
क्या कहना है शिक्षक संगठन का
सरकार बदलने के तुरंत बाद हमने नई सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि पिछली सरकार द्वारा निर्धारित नीले-सफेद स्कूल यूनिफॉर्म की अनिवार्यता समाप्त की जाए। हमारी मांग थी कि राज्य के स्कूलों को स्थानीय परंपरा और अपनी विशिष्ट पहचान के अनुसार यूनिफॉर्म तय करने की स्वतंत्रता दी जाए।नई सरकार ने हमारे इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है, जिससे हमें खुशी है।हमारी एक और मांग है कि स्कूलों की किताबों और कॉपियों पर किसी भी नेता या मंत्री की तस्वीर नहीं होनी चाहिए। शिक्षा को राजनीतिक प्रचार से अलग रखा जाना चाहिए।— स्वपन मंडल, महासचिव, बंगीय शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति





























