कोलकाता : ‘फ़ूड सेफ़्टी वीक’ के तहत उत्तर 24 परगना जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर निरीक्षण अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में राज्य सरकार के खाद्य विभाग और उत्तर 24 परगना जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को कमारहाटी नगरपालिका के षष्ठीतला इलाके में संयुक्त जांच अभियान चलाया।
इस अभियान में कमारहाटी नगरपालिका के जन स्वास्थ्य विभाग, जिला स्वास्थ्य विभाग और खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ बेलघरिया और कमारहाटी थाने की पुलिस भी शामिल रही। टीम ने इलाके की विभिन्न बेकरियों का निरीक्षण कर वहां खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों की जांच की।
मकड़ी के जाले, गंदगी और घटिया पेंट जैसी कमियां भी मिलीं
निरीक्षण के दौरान एक बेकरी को तत्काल बंद कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी। जांच के दौरान कॉकरोच और बिल्लियां पाए जाने के साथ-साथ अखबारों का इस्तेमाल भी सामने आया। इसके अलावा मकड़ी के जाले, गंदगी और घटिया पेंट जैसी कमियां भी मिलीं।
कई जरूरी मानकों और दस्तावेजों के बिना परिचालन
जांच टीम ने बिस्कुट, केक और अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की भी जांच की। इसके साथ ही ट्रेड लाइसेंस, फूड प्रोसेसिंग सर्टिफिकेट और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट समेत आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की गई। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित प्रतिष्ठान में कई जरूरी मानकों और दस्तावेजों का अभाव पाया गया।
निरीक्षण के दौरान 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराए जाने का मामला भी सामने आया। इसे लेकर भी अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
जरूरी मानकों को पूरा करने का निर्देश
अधिकारियों ने बेकरी संचालकों को साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, गंदगी और मकड़ी के जाले हटाने, परिसर की पेंटिंग कराने तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी मानकों को पूरा करने का निर्देश दिया है। सुधार कार्य पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंपनी होगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोबारा निरीक्षण के बाद ही यह तय किया जाएगा कि संबंधित बेकरी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कर रही है या नहीं और उसे संचालन की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।
सख्त रुख अपना रहा है विभाग
इससे एक दिन पहले भी बैरकपुर के एसडीओ, म्यूनिसिपल एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और जिला खाद्य प्रसंस्करण विभाग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया था। बेलघरिया और रथतला इलाके में कई रेस्टोरेंट, होटल और खाद्य स्टॉल की जांच की गई थी। इस दौरान बी.टी. रोड के रथतला क्रॉसिंग के पास स्थित एक होटल को बंद कर दिया गया था।
लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई से साफ है कि ‘फ़ूड सेफ़्टी वीक’ के दौरान प्रशासन खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और जरूरी सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।





























