3 साल में एक भी प्रोजेक्ट मंजूर नहीं
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में पर्यटन सुविधाओं के विकास को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। सांसद राजू बिष्ट के सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान केंद्र की प्रमुख पर्यटन योजनाओं के तहत दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में कोई भी परियोजना विशेष रूप से मंजूर नहीं की गई है।सांसद राजू बिष्ट ने दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में पर्यटक सुविधाओं, व्यू-पॉइंट, पैदल मार्ग और अन्य पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों में आवंटित, स्वीकृत और खर्च की गई राशि का विवरण मांगा था। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत चिन्हित गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों की संख्या के बारे में भी जानकारी मांगी गई।
राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी
केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन स्थलों का विकास, प्रचार-प्रसार और पर्यटक सुविधाओं का उन्नयन मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन की जिम्मेदारी है।हालांकि, केंद्र सरकार स्वदेश दर्शन, स्वदेश दर्शन 2.0, चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (CBDD) और PRASHAD जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्यों को पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तीय सहायता देती है।इसके लिए संबंधित योजना के दिशा-निर्देशों का पालन, Detailed Project Report (DPR) जमा करना, धन की उपलब्धता और सरकार की प्राथमिकताओं जैसे मानदंडों को ध्यान में रखा जाता है।
2024-25 में SASCI के तहत मिली वित्तीय सहायता
केंद्र ने Special Assistance to States for Capital Investment (SASCI) – Development of Iconic Tourist Centres to Global Scale योजना के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में राज्यों को पर्यटन परियोजनाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई है।
662 गांव चिन्हित
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से Vibrant Villages Programme-I (VVP-I) के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में गांवों के व्यापक विकास के लिए काम किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत 662 गांवों को प्राथमिकता के आधार पर विकास के लिए चिन्हित किया गया है। कुल 1,248 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनके लिए 3,065.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें से 316 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।Vibrant Villages Programme को Challenge Based Destination Development (CBDD) के तहत चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। अन्य श्रेणियों में Culture & Heritage, Spiritual Tourism और Ecotourism & Amrit Dharohar Sites शामिल हैं।
नहीं मिली विशेष परियोजना मंजूरी
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी देना एक निरंतर प्रक्रिया है। उपलब्ध धनराशि, प्रस्ताव और संबंधित योजनाओं के दिशा-निर्देशों के आधार पर परियोजनाओं पर फैसला लिया जाता है।हालांकि, पिछले तीन वर्षों में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में Swadesh Darshan, Swadesh Darshan 2.0, CBDD, SASCI और PRASHAD योजनाओं के तहत कोई भी परियोजना विशेष रूप से मंजूर नहीं की गई है।




























