कुणाल घोष का थाने में धरना; बाहर भाजपा का प्रदर्शन
कोलकाता : चोरबागान में दुर्गापूजा के दौरान हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत के मामले को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच ममता बनर्जी खेमे के नेता मजीद अंसारी को पुलिस ने 2023 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। वहीं, थाने के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कुणाल घोष के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
महिला से छेड़छाड़ और धमकी देने का आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मजीद अंसारी पर एक महिला के साथ छेड़छाड़ और धमकी देने का आरोप है। आरोप है कि महिला की निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उससे 20 लाख रुपये मांगे गए थे। वर्ष 2023 के इस मामले में मजीद के अलावा 10 अन्य लोगों के नाम भी शिकायत में शामिल थे। पुलिस ने इसी मामले में कार्रवाई करते हुए मजीद को गिरफ्तार किया है।
हालांकि, कुणाल घोष ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए इसे कथित तौर पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उनका आरोप है कि चोरबागान की घटना में प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर आवाज उठाने वालों को पुराने या कथित रूप से गढ़े गए मामलों में फंसाया जा रहा है।
कुणाल घोष ने सरकार और पुलिस पर उठाए सवाल
कुनाल घोष ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि चोरबागान मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर विरोध करने वाले तृणमूल नेताओं को पुलिस के जरिए परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जोड़ासांको और आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में पुराने मामलों के आधार पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं।
कुणाल का कहना है कि चोरबागान की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय विरोध करने वालों की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। मजीद अंसारी की गिरफ्तारी के विरोध में वह कुछ देर तक थाने की सीढ़ियों पर अकेले बैठे रहे। बाद में थाना प्रभारी उन्हें अंदर ले गए।
भाजपा ने भी थाने के बाहर किया प्रदर्शन
कुणाल घोष के थाने पहुंचने की खबर मिलते ही इलाके के भाजपा कार्यकर्ता वहां जुटने लगे। उन्होंने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और कुणाल घोष के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें ‘देशद्रोही’ भी कहा। बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
भाजपा विधायक सजल घोष ने कुणाल के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी ने गलत काम किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है, तो अदालत इस पर फैसला करेगी।
चोरबागान भगदड़ मामले में पहले भी हुई गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि 17 अक्टूबर को चोरबागान में हुई घटना के बाद से पुलिस पूजा मंडप और आयोजन समिति से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोप है कि मंडप में गलत घोषणा के कारण श्रद्धालुओं के बीच डर और अफरा-तफरी फैल गई थी। इस घोषणा से संबंधित मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
कुणाल घोष का आरोप है कि इस मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की पर्याप्त जांच नहीं हो रही है और असली जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है। उनका दावा है कि घटना के बाद सवाल उठाने वालों को ही परेशान किया जा रहा है।
कलकत्ता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) चोरबागान घटना की जांच कर रहा है। कुणाल घोष ने सवाल उठाया है कि मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।































