इस्पात उद्योग ने मांगा 1 करोड़ टन उच्च गुणवत्ता वाला कोयला
कोलकाता : राज्य में इस्पात उद्योग के उत्पादन और निवेश की रफ्तार बनाए रखने के लिए बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी रोकने, पर्याप्त कोयला और लौह अयस्क की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उद्योग जगत ने की है। शुक्रवार को कोलकाता में राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तापस राय के कार्यालय में राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ स्टील री-रोलिंग मिल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SRMA) और वेस्ट बंगाल स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (WBSIMA) के प्रतिनिधियों ने बैठक की। बैठक में PWD एवं PHE मंत्री अजय पोद्दार और उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग की प्रधान सचिव वंदना यादव भी मौजूद थीं।
कीमतें बढ़ाने के प्रस्ताव पर आपत्ति
उद्योगपतियों की प्रमुख आपत्ति बिजली की संभावित कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर है। उनका दावा है कि 1 सितंबर से 33 केवीए कनेक्शन पर प्रति यूनिट 1 रुपये और 11 केवीए कनेक्शन पर डेढ़ रुपये प्रति यूनिट कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव WBSEDCL ने दिया है। इस्पात उद्योग का कहना है कि इससे राज्य में तैयार हो रहे सकारात्मक औद्योगिक माहौल को झटका लग सकता है। खासकर इस्पात क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाओं को देखते हुए फिलहाल बिजली की लागत बढ़ाना उचित नहीं है।
बैठक में मंत्रियों की ओर से आश्वासन दिया गया कि बिजली की कीमत में बढ़ोतरी 50 पैसे प्रति यूनिट से अधिक नहीं होगी। हालांकि उद्योग जगत की मांग है कि प्रस्तावित बढ़ोतरी को पूरी तरह वापस लिया जाए।
उच्च गुणवत्ता के कोयले की मांग
बिजली के अलावा स्पंज आयरन उत्पादन के लिए उद्योग संगठनों ने सालाना 1 करोड़ टन उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की आपूर्ति की मांग की है। 6100 से 6400 GCV वाले कोयले में से 50 लाख टन सोनपुर बाजारी खदान और अन्य 50 लाख टन ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की दूसरी खदानों से उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उद्योगपतियों के अनुसार, इस गुणवत्ता का कोयला ताप विद्युत उत्पादन के लिए अपेक्षाकृत कम उपयुक्त है, लेकिन राज्य की स्पंज आयरन इकाइयों के लिए बेहद उपयोगी है।.
क्या होगा लाभ
उद्योग जगत का प्रस्ताव है कि WBMDTC के माध्यम से लिंकेज, नीलामी या आवंटन के आधार पर स्थानीय स्तर पर इस कोयले की आपूर्ति की जाए। इससे दक्षिण अफ्रीका से कोयला आयात पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।
इसके अलावा ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन (OMC) से सालाना 1.5 से 2 करोड़ टन लौह अयस्क के फाइन्स और लम्प्स की आपूर्ति की मांग की गई है। उद्योग संगठनों ने प्रस्ताव दिया है कि WBMDTC के माध्यम से राज्य के स्पंज आयरन और पेलेट निर्माताओं तक यह लौह अयस्क पहुंचाया जाए।
समाधान के लिए कदम उठाने का आश्वासन
SRMA के चेयरमैन विवेक अडुकिया के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में ललित बेरिवाला, आनंद सरावगी, दीपक अग्रवाल और प्रदीप गुप्ता शामिल थे। बैठक के बाद संगठन की ओर से बताया गया कि राज्य के इस्पात उद्योग के विकास को लेकर मंत्री और प्रधान सचिव ने सकारात्मक रुख दिखाया है। समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए समन्वित कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया।





























