चुंचूड़ा की अदालत ने खारिज की जमानत याचिका
कोलकाता : चंदननगर के एक कॉन्ट्रैक्टर द्वारा पूर्व राज्य मंत्री और विधायक इंद्रनील सेन पर जबरन वसूली और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। चुचूंडा के फर्स्ट सेशंस कोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी खारिज कर दी है। इस मामले में चंदननगर कॉर्पोरेशन के पूर्व डिप्टी मेयर और मुख्य इंजीनियर को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है। इसलिए इस मामले में पूर्व मंत्री के गिरफ्तारी की आशंका है।
क्या है मामला
विगत 4 जुलाई, 2026 को चंदननगर कॉर्पोरेशन के कॉन्ट्रैक्टर प्रदीप डे ने चंदननगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर, इंद्रनील सेन के खिलाफ जबरन वसूली, धोखाधड़ी और डरा-धमकाकर फंड का गलत इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इसी मामले में चंदननगर कॉर्पोरेशन के पूर्व डिप्टी मेयर मुन्ना अग्रवाल और चीफ इंजीनियर सैबल रॉय को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जब मंगलवार को मुन्ना अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया गया, तो जज ने उनकी ज़मानत अर्ज़ी भी खारिज कर दी।
सरकारी वकील ने अग्रिम जमानत का किया विरोध
मामले की सुनवाई के दौरान, हुगली ज़िले के मुख्य सरकारी वकील शंकर गंगोपाध्याय ने पूर्व मंत्री की अग्रिम जमानत याचिका विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि इस रंगदारी रैकेट के सिलसिले में डिप्टी मेयर और मुख्य इंजीनियर को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है।
और भी हैं आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कॉन्ट्रैक्टर की शिकायत के अलावा, इंद्रनील सेन पर चंदननगर विधानसभा फेस्टिवल के नाम पर प्रभावशाली लोगों से इकट्ठा की गई बड़ी रकम का गबन करने का भी आरोप है।
सत्ता बदले ही दर्ज हुई शिकायत
राज्य में सत्ता बदलने के बाद से ही कलाकारों का एक वर्ग इंद्रनील सेन के खिलाफ अपनी शिकायतें ज़ाहिर करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाए थे कि तृणमूल सरकार का सीधा समर्थन न मिलने की वजह से उन्हें सरकारी कार्यक्रमों में काम या मौके नहीं दिए गए। अब, कोर्ट द्वारा अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी खारिज किए जाने के बाद, पूर्व मंत्री की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं।






























