कोलकाता: बीरभूम के रामपुरहाट से तृणमूल के पूर्व MLA आशीष बनर्जी की रहस्यमयी मौत हो गई। रविवार सुबह उनके घर के पास पार्टी ऑफिस से उनकी लटकती हुई बॉडी मिली। सूत्रों के मुताबिक, एक सुसाइड नोट भी मिला है।आशीष ममता बनर्जी सरकार के दौरान राज्य विधानसभा के डिप्टी स्पीकर थे। वह रामपुरहाट से पांच बार MLA रहे हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें BJP उम्मीदवार ध्रुव साहा ने हराया था। उनकी मौत कैसे हुई, यह अभी साफ नहीं है।
आशीष रामपुरहाट के वार्ड नंबर 5 के हट्टालापारा में रहते थे। उनके घर के पास पार्टी का ऑफिस था। रविवार सुबह वहां से उनकी बॉडी मिलने के बाद इलाके में भीड़ जमा हो गई। खबर मिलते ही रामपुरहाट पुलिस मौके पर पहुंची। बॉडी बरामद करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तृणमूल के दिग्गज नेता आशीष 2001 से 2026 तक रामपुरहाट के MLA थे। राज्य में तृणमूल के सत्ता में आने के बाद उन्हें कई बार ममता की कैबिनेट में भी जगह मिली। आशीष राज्य के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और कृषि मंत्री थे। जब अनुब्रत मंडल बीरभूम ज़िले के तृणमूल के प्रेसिडेंट थे, तब आशीष उनके साथी थे। हालांकि, अनुब्रत की वजह से उन्हें ज़िले की पॉलिटिक्स में ऊपर उठने का ज़्यादा मौका नहीं मिला।
आशीष 2022 में रामपुरहाट के बोगटुई में हुए हत्याकांड को लेकर बेचैन थे। हालांकि, उन्हें अपने ही चुनाव क्षेत्र के वोटों का भरोसा था। इसीलिए ममता ने उन्हें 2026 में भी टिकट दिया। आशीष BJP कैंडिडेट से 24,000 से ज़्यादा वोटों से हार गए।
राज्य में BJP के सत्ता में आने के बाद, एक-एक करके तृणमूल नेताओं पर करप्शन के आरोप में कार्रवाई हो रही है। कई पुराने MLA और पार्षदों को अरेस्ट किया गया है। कई ने कालीघाट से दूरी बना ली है। ज़्यादातर जीते हुए तृणमूल MLA ममता और अभिषेक बनर्जी की लीडरशिप को रिजेक्ट करके रीताब्रत बनर्जी के कैंप में शामिल हो गए हैं। चुनाव हारने के बाद आशीष एक्टिव पॉलिटिक्स में नहीं दिखे। उन्होंने सुसाइड किया या नहीं, ऐसा करने की क्या वजह थी, उनके घर से मिले सुसाइड नोट में क्या लिखा था, पुलिस इन सबकी जांच कर रही है। आशीष की मौत की खबर से अनुब्रत सदमे में हैं। उन्होंने कहा, “इतना अच्छा आदमी था। उसने ऐसा क्यों किया, मुझे समझ नहीं आ रहा। उसका कोई दुश्मन नहीं है। किसी से कोई झगड़ा नहीं। कोई मेंटल प्रेशर नहीं था। उसका कभी किसी से झगड़ा नहीं हुआ। मैं बहुत दुखी हूं। मैं उसे बहुत पहले से जानता हूं। वह बहुत ही मासूम, शांत इंसान था। मुझे नहीं लगता कि आशीष किसी करप्शन में शामिल था।”




























