शाम की पेड-क्लिनिक से होने वाली कमाई का एक निश्चित हिस्सा डॉक्टरों, नर्सों और ग्रुप-D कर्मचारियों के बीच बांटा जाएगा।
कोलकाता : राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में सेवाओं का दायरा बढ़ाने के लिए ‘इवनिंग OPD’ शुरू करने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, ‘रेवेन्यू-शेयरिंग’ मॉडल के आधार पर यह सेवा शुरू होगी। शाम की पेड-क्लिनिक से होने वाली कमाई का एक निश्चित हिस्सा डॉक्टरों, नर्सों और ग्रुप-D कर्मचारियों के बीच बांटा जाएगा।
60 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टरों को मिलेगा
कुल कमाई का 60 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टरों को, 20 प्रतिशत नर्सों को और 10 प्रतिशत ग्रुप-D कर्मचारियों को मिलेगा, जबकि बाकी 10 प्रतिशत सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरदवत मुखोपाध्याय ने हाल ही में स्वास्थ्य भवन में हुई एक बैठक के दौरान इस योजना के बारे में डॉक्टरों की राय मांगी।
योजना अभी शुरुआती चरण में
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है। इसे लागू करने के लिए कैबिनेट की मंज़ूरी की ज़रूरत है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी कई मरीज़ों को स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से सलाह लेने के लिए सुबह मुफ़्त OPD में भीड़ लगाने पर मजबूर होना पड़ता है। OPD का समय खत्म होने के बाद, कुछ स्पेशलिस्ट अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस या नर्सिंग होम में काम करने चले जाते हैं। नतीजतन, अगर कोई मरीज़ किसी गंभीर बीमारी के साथ दोपहर में सरकारी अस्पताल पहुँचता है, तो अक्सर ‘ऑन-कॉल’ मौजूद ज़रूरी स्पेशलिस्ट से संपर्क करना मुश्किल हो जाता है। शाम की OPD सेवाएँ शुरू करने से सरकारी अस्पतालों में सुबह और शाम, दोनों शिफ्ट में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को बनाए रखना मुमकिन हो जाएगा। इससे न सिर्फ़ मरीज़ों को अलग-अलग समय पर मेडिकल सेवाएँ मिल पाएँगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की मौजूदगी भी बढ़ेगी।





























