Android 12+ फोन और ऑन-ड्यूटी आदेश की मांग की
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में Census 2027 की तैयारियों के बीच जनगणना ड्यूटी को लेकर नया विवाद सामने आया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर कहा है कि जनगणना कार्य के कारण स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए, इसलिए शिक्षक स्कूल समय के बाद या सप्ताहांत (वीकेंड) में जनगणना का कार्य करेंगे। दूसरी ओर सेंसस कर्मचारी ऐक्य मंच ने इस फैसले का विरोध करते हुए सरकार से ड्यूटी अवधि को ऑन-ड्यूटी घोषित करने और सभी एन्यूमरेटर एवं सुपरवाइजर को Android 12 या उससे ऊपर के स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की मांग की है।
शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों
3 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के स्कूल एजुकेशन डायरेक्टरेट की ओर से जारी एक नोटिस में जिला प्राथमिक विद्यालय परिषदों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि जनगणना कार्य इस प्रकार कराया जाए जिससे स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों। आदेश में कहा गया है कि जिन शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगी है, वे स्कूल की कक्षाएं समाप्त होने के बाद या सप्ताहांत में जनगणना संबंधी कार्य करेंगे।
Android 12+ स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की मांग
सेंसस कर्मचारी ऐक्य मंच के महासचिव स्वपन मंडल ने जनगणना निदेशक, पश्चिम बंगाल को भेजे गए पत्र में कहा है कि प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि Census App केवल Android 12 या उससे ऊपर के वर्जन वाले स्मार्टफोन में सही तरीके से काम कर रहा है।बड़ी संख्या में एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर के पास ऐसे स्मार्टफोन नहीं हैं। ऐसे में कर्मचारियों को नया फोन खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने मांग की है कि सरकार सभी संबंधित कर्मियों को आवश्यक स्मार्टफोन या टैब उपलब्ध कराए और जनगणना ड्यूटी के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी करे।
कर्मचारियों के साथ अन्याय
स्वपन मंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि जनगणना का कार्य स्कूल समय के बाद कराया जाता है और इसे ऑन-ड्यूटी नहीं माना जाता, तो यह कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा।
यदि सरकार अपने वर्तमान रुख पर कायम रहती है, तो सेंसस कर्मचारी जनगणना कार्य के बहिष्कार (Boycott) पर विचार कर सकते हैं। राज्य सरकार या जनगणना निदेशालय की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





























