कोलकाता : बेलेघाटा के तृणमूल विधायक कुणाल घोष के घर और पार्टी ऑफिस पर बुधवार रात हमला और तोड़-फोड़ की घटना घटी। घटना के समय कुणाल दोनों में से किसी भी जगह पर मौजूद नहीं थे। खबर मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को तृणमूल कार्यकर्ता बताने वाले कुछ युवाओं के एक समूह ने अचानक बेलेघाटा में उनके पार्टी ऑफिस में तोड़-फोड़ की। इसके बाद उनके घर के आस-पास के इलाकों में तनाव फैल गया। विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है।
कुणाल ने इस हमले के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कार्यकर्ताओं पर और उत्तर कोलकाता के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के करीबी सहयोगियों पर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद कुणाल ने सोशल मीडिया पर लगातार दो मैसेज पोस्ट किए और कोलकाता पुलिस को टैग किया। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों में से कोई भी बेलेघाटा इलाके का रहने वाला नहीं था। यह हमला बाहरी लोगों को बुलाकर करवाया गया । उन्होंने पुलिस से इस बात की जांच करने को कहा कि क्या वार्ड नंबर 57 के मेहर अली लेन से लोगों को पैसा देकर भेजा गया था।
कुणाल ने मांग की कि हमले में सीधे तौर पर शामिल लोगों के अलावा, इसके पीछे के मास्टरमाइंड के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच को पूरी गंभीरता से नहीं लेती है, तो ऐसा लग सकता है कि ऐसी घटनाएं पुलिस की मिलीभगत से हो रही हैं। उन्होंने बताया कि वे इस मामले में स्वतंत्र रूप से जानकारी जुटा रहे हैं। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत ने कहा, “मेरे पास बहुत काम है। मेरे पास कुणाल घोष पर टिप्पणी करने का समय नहीं है।”




























