कलकत्ता हाई कोर्ट ने हटाने का दिया निर्देश
कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी की कथित ‘दोस्ती’ को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। अडानी एंटरप्राइजेज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिलहाल संबंधित वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया है। सोमवार को न्यायमूर्ति आर्यक दत्ता की पीठ में इस मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने संबंधित पक्षों को मामले में हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।
अडानी एंटरप्राइजेज ने अदालत में दायर की याचिका
मिली जानकारी के अनुसार, अडानी एंटरप्राइजेज की ओर से सोमवार सुबह इस मामले में याचिका दायर की गई थी। कंपनी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी के संबंधों को लेकर बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर प्रसारित किया जा रहा है।
याचिका पर दोपहर में सुनवाई के दौरान अदालत ने वीडियो के निर्माण से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल किए। पीठ ने पूछा कि क्या संबंधित वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।
अडानी समूह की ओर से पेश वकील अनिर्बान राय ने अदालत को बताया कि वीडियो एआई की मदद से नहीं बनाया गया है। अदालत में यह भी कहा गया कि एक व्यक्ति ने वीडियो बनाने की जिम्मेदारी स्वीकार की है।
वीडियो में तस्वीरों और फुटेज के इस्तेमाल पर आपत्ति
अडानी समूह की ओर से आरोप लगाया गया कि वीडियो में अलग-अलग तस्वीरों और फुटेज का इस्तेमाल करके समूह तथा केंद्र सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी दावा किया गया कि वीडियो में धार्मिक तनाव बढ़ाने वाली सामग्री मौजूद है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में अडानी समूह की प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर भी वीडियो में टिप्पणी किए जाने पर आपत्ति जताई गई।
मामले में वर्ष 2000 में अडानी समूह द्वारा एक बंदरगाह के अधिग्रहण से जुड़े संदर्भ और वर्ष 2026 में उसे लेकर कथित दुष्प्रचार किए जाने का आरोप भी उठाया गया। सुनवाई के दौरान हिंडनबर्ग रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया।
हालांकि, वीडियो की सामग्री को लेकर लगाए गए इन आरोपों और दावों की अंतिम सत्यता पर अदालत का कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स से हटाया जाएगा वीडियो
मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने फिलहाल संबंधित वीडियो को सभी सोशल मीडिया मंचों से हटाने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए हलफनामा दाखिल करने को भी कहा है।
सुनवाई के दौरान गूगल की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित वीडियो को फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स से हटाने की प्रक्रिया की जाएगी।
अदालत का यह निर्देश फिलहाल वीडियो को हटाने से संबंधित है। मामले के अन्य पहलुओं पर अंतिम निर्णय संबंधित पक्षों के जवाब और आगे की सुनवाई के बाद सामने आएगा।
आगे की सुनवाई पर टिकी नजर
इस मामले में अब संबंधित पक्षों के हलफनामों और अदालत में रखे जाने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। वीडियो को लेकर अडानी समूह की आपत्तियों, उसके निर्माण और सोशल मीडिया पर प्रसार से जुड़े पहलुओं पर आगे की सुनवाई में चर्चा हो सकती है।
फिलहाल कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश के बाद संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का मामला केंद्र में है।































