जानें प्राइस बैंड और तारीखें
नई दिल्ली : शेयर बाजार में आईपीओ (IPO) के जरिए निवेश करने वालों के लिए अक्टूबर का आखिरी सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाला है। 26 अक्टूबर से पांच कंपनियों के आईपीओ की गतिविधियां निवेशकों का ध्यान खींचेंगी। इन कंपनियों की योजना प्राथमिक बाजार से करीब 2,600 करोड़ रुपये जुटाने की है। इन इश्यू में अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट, वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, ज्वेलरी, पॉलिमर और स्पेशल स्टील जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियां शामिल हैं।
इन पांच कंपनियों में EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स, SFC एनवायर्नमेंटल टेक्नोलॉजीज, M. K. सन्स फाइन ज्वेल्स, BLS पॉलिमर और बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स शामिल हैं। इनके आईपीओ की कीमत, खुलने और बंद होने की तारीखें अलग-अलग हैं। ऐसे में निवेश करने से पहले प्रत्येक कंपनी के इश्यू की शर्तें, वित्तीय स्थिति और जोखिम समझना जरूरी है।
1. EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स IPO
एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़ी EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स का आईपीओ 26 अक्टूबर को खुल रहा है और 28 अक्टूबर को बंद होगा।
- इश्यू साइज: ₹1,200 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹1,585 से ₹1,665 प्रति शेयर
- आईपीओ की तारीख: 26 से 28 अक्टूबर
- इश्यू का प्रकार: ऑफर फॉर सेल (OFS)
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि कंपनी के नए शेयर जारी करने के बजाय मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसलिए इस इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों के पास जाएगी।
कुल राशि के लिहाज से यह इस सूची का सबसे बड़ा आईपीओ है।
2. SFC एनवायर्नमेंटल टेक्नोलॉजीज IPO
वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट यानी अपशिष्ट जल के उपचार से जुड़ी SFC एनवायर्नमेंटल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसका इश्यू 29 अक्टूबर को बंद होगा।
- इश्यू साइज: ₹668 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹313 से ₹330 प्रति शेयर
- नया इश्यू: ₹150 करोड़
- बाकी हिस्सा: मौजूदा शेयरधारकों की ओर से बिक्री
कंपनी नए शेयर जारी करके मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। निवेशकों को कंपनी के कर्ज, कारोबार की वृद्धि और वित्तीय प्रदर्शन का आकलन करने के बाद ही फैसला लेना चाहिए।
3. M. K. सन्स फाइन ज्वेल्स IPO
ज्वेलरी क्षेत्र की कंपनी M. K. सन्स फाइन ज्वेल्स का आईपीओ 28 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा।
- इश्यू साइज: लगभग ₹275.4 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹153 से ₹162 प्रति शेयर
- आईपीओ की तारीख: 28 से 30 अक्टूबर
कंपनी इस इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल महाराष्ट्र में नया शोरूम खोलने, गुजरात में मौजूदा शोरूम का विस्तार करने और इन्वेंट्री खरीदने के लिए करेगी। इसके अलावा, कुछ कर्ज चुकाने की भी योजना है।
ज्वेलरी कारोबार में बिक्री, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, इन्वेंट्री प्रबंधन और लाभ की स्थिति जैसे कारक कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
4. BLS पॉलिमर IPO
पॉलिमर क्षेत्र की कंपनी BLS पॉलिमर का आईपीओ 27 अक्टूबर को खुलेगा और 29 अक्टूबर को बंद होगा।
- इश्यू साइज: ₹255 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹142 से ₹150 प्रति शेयर
- आईपीओ की तारीख: 27 से 29 अक्टूबर
कंपनी नए आईपीओ से मिलने वाली पूंजी का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कार्यशील पूंजी की जरूरतों और सामान्य कारोबारी गतिविधियों के लिए करेगी।
निवेशकों के लिए कंपनी की उत्पादन क्षमता, बिक्री में वृद्धि, कच्चे माल की लागत और मुनाफे के आंकड़ों को समझना महत्वपूर्ण होगा। केवल कम शेयर कीमत देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
5. बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स IPO
बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स का आईपीओ 29 अक्टूबर को खुलेगा और 2 नवंबर को बंद होगा। यानी इसका सब्सक्रिप्शन अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में शुरू होगा, लेकिन नवंबर तक जारी रहेगा।
- इश्यू साइज: लगभग ₹183.1 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹78 से ₹82 प्रति शेयर
- आईपीओ की तारीख: 29 अक्टूबर से 2 नवंबर
कंपनी इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने और मशीनरी से जुड़े खर्चों पर लगाने की योजना बना रही है।
निवेशकों को कंपनी की कर्ज स्थिति, कारोबारी संभावनाओं और पूंजी खर्च से भविष्य में होने वाले संभावित लाभ का मूल्यांकन करना चाहिए।
पांचों IPO से कितनी रकम जुटाने की तैयारी?
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इन पांचों आईपीओ का कुल आकार लगभग 2,581.5 करोड़ रुपये है, जो करीब 2,600 करोड़ रुपये बैठता है।
| कंपनी | इश्यू साइज |
| EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स | ₹1,200 करोड़ |
| SFC एनवायर्नमेंटल टेक्नोलॉजीज | ₹668 करोड़ |
| M. K. सन्स फाइन ज्वेल्स | ₹275.4 करोड़ |
| BLS पॉलिमर | ₹255 करोड़ |
| बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स | ₹183.1 करोड़ |
| कुल | ₹2,581.5 करोड़ |
IPO में निवेश करने से पहले किन बातों पर दें ध्यान?
आईपीओ में निवेश का फैसला केवल कंपनी की लोकप्रियता या बाजार में चल रही चर्चा के आधार पर नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले इन बातों को समझना जरूरी है:
- कंपनी की वित्तीय स्थिति: पिछले वर्षों की बिक्री, मुनाफे, नकदी प्रवाह और कर्ज की जांच करें।
- इश्यू का उद्देश्य: समझें कि कंपनी नए शेयर जारी करके कारोबार बढ़ाना चाहती है या मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
- वैल्यूएशन: प्राइस बैंड की तुलना कंपनी की कमाई, संपत्ति और समान क्षेत्र की सूचीबद्ध कंपनियों से करें।
- जोखिम: कंपनी के कारोबार, प्रतिस्पर्धा, कर्ज और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े जोखिम पढ़ें।
- निवेश अवधि: यह तय करें कि आप लिस्टिंग के समय संभावित लाभ के लिए निवेश कर रहे हैं या लंबे समय तक शेयर रखने की योजना है।
ध्यान रखें कि किसी भी आईपीओ में लिस्टिंग के दिन मुनाफा मिलने की गारंटी नहीं होती। इसलिए निवेश से पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) पढ़ें और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार फैसला लें।































