मुंबई : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 29 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। सप्ताह के कारोबार के दौरान घरेलू बाजार ने शुरुआती सुस्ती से उबरते हुए शानदार वापसी की। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 905.01 अंक यानी 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,151.04 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 237.90 अंक यानी 1.05 प्रतिशत चढ़कर 22,936.75 अंक पर पहुंच गया। बाजार में बैंकिंग, आईटी, एफएमसीजी और अन्य प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में खरीदारी से निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिखाई दिया।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से मिला समर्थन
बाजार में तेजी के पीछे प्रमुख कारणों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला शामिल रहा। फेडरल रिजर्व ने प्रमुख नीतिगत दर 3.75 से 4 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखी। इस फैसले से वैश्विक बाजारों में निवेशकों की धारणा को समर्थन मिला। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी घरेलू बाजार को मजबूती प्रदान की। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊंची तेल कीमतों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड और बैंकिंग शेयरों में तेजी
गुरुवार के कारोबार में अडानी पोर्ट्स के शेयर निफ्टी के प्रमुख लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे। कंपनी के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अडानी एंटरप्राइजेज, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी उल्लेखनीय बढ़त रही। आईटी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय सेवाओं और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को व्यापक समर्थन मिला। हालांकि, ऑटो क्षेत्र के कुछ शेयर दबाव में रहे और सभी कंपनियों के शेयरों में एक जैसी तेजी नहीं दिखी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी। निफ्टी के लिए 23,000 अंक का स्तर निकट भविष्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बाजार में एक दिन की तेजी को स्थायी तेजी का संकेत मानना उचित नहीं होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले अपनी जोखिम क्षमता, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और बाजार की परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए जल्दबाजी में खरीदारी या बिकवाली से बचना महत्वपूर्ण है।
































