तिमाही आधार पर घरों की बिक्री 3% बढ़ी; नई लॉन्चिंग में 32% उछाल ।देश के टॉप-7 शहरों में आवासीय बाजार ने 2026 की तीसरी तिमाही में मजबूती दिखाई है। Anarock Research & Advisory की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में घरों की बिक्री तिमाही आधार पर 3% बढ़ी, जबकि नई आवासीय परियोजनाओं की लॉन्चिंग में 32% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया।
कोलकाता: देश के सात प्रमुख शहरों में Q3 2026 में करीब 1,00,220 आवासीय यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल की समान तिमाही के 97,080 यूनिट्स की तुलना में 3% अधिक है। इस दौरान कोलकाता के रियल एस्टेट बाजार में भी तिमाही आधार पर सकारात्मक रुझान देखने को मिला। हालांकि, सालाना आधार पर बिक्री और नई सप्लाई दोनों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
कोलकाता में 3,980 घर बिके
Anarock Research & Advisory के आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता में Q3 2026 में करीब 3,980 आवासीय यूनिट्स की बिक्री हुई। Q2 2026 में यह आंकड़ा 3,860 यूनिट्स था। यानी तिमाही आधार पर बिक्री में 3% की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, Q3 2025 में कोलकाता में करीब 4,130 यूनिट्स बिकी थीं। इस लिहाज से सालाना आधार पर बिक्री में 4% की गिरावट दर्ज की गई।
नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग में 32% उछाल
कोलकाता के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा नई सप्लाई का है। रिपोर्ट के मुताबिक, Q3 2026 में कोलकाता में करीब 4,680 नई आवासीय यूनिट्स लॉन्च हुईं।
यह Q2 2026 के 3,550 यूनिट्स की तुलना में 32% अधिक है। हालांकि, Q3 2025 में लॉन्च हुई 4,890 यूनिट्स के मुकाबले नई सप्लाई में सालाना आधार पर 4% की कमी रही।
40-80 लाख रुपये वाले घरों पर फोकस
कोलकाता में नई आवासीय सप्लाई में करीब 40% यूनिट्स 40 लाख से 80 लाख रुपये के प्राइस सेगमेंट में आईं। यह संकेत देता है कि इस तिमाही में मिड-सेगमेंट हाउसिंग ने डेवलपर्स के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देश के टॉप-7 शहरों की बात करें तो 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये के बीच की प्रॉपर्टी ने नई सप्लाई में सबसे बड़ी 34% हिस्सेदारी हासिल की। इसके बाद 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये वाले सेगमेंट की 24% हिस्सेदारी रही।
मुंबई सबसे आगे, बेंगलुरु दूसरे स्थान पर
Q3 2026 में टॉप-7 शहरों में MMR (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन) में करीब 31,750 घरों की बिक्री हुई, जो सबसे अधिक रही। इसके बाद बेंगलुरु में करीब 16,670 यूनिट्स बिकीं। इन दोनों शहरों ने मिलकर टॉप-7 शहरों की कुल बिक्री में करीब 48% योगदान दिया।
नई सप्लाई के मामले में भी MMR सबसे आगे रहा, जहां करीब 37,500 यूनिट्स लॉन्च हुईं। हैदराबाद करीब 18,950 नई यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
देश के सात बड़े शहरों में नई सप्लाई 18% बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, टॉप-7 शहरों में Q3 2026 के दौरान करीब 1,14,320 नई आवासीय यूनिट्स लॉन्च हुईं। Q3 2025 में यह आंकड़ा करीब 96,690 यूनिट्स था। यानी सालाना आधार पर नई सप्लाई में 18% की वृद्धि हुई।
वहीं, उपलब्ध आवासीय इन्वेंट्री भी सालाना आधार पर 12% बढ़कर करीब 6.31 लाख यूनिट्स हो गई।
प्रॉपर्टी की कीमतों में भी बढ़ोतरी
टॉप-7 शहरों में औसत आवासीय कीमतों में Q3 2026 में सालाना आधार पर करीब 7% की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक औसत कीमत करीब 9,105 रुपये प्रति वर्गफुट से बढ़कर 9,714 रुपये प्रति वर्गफुट हो गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाला त्योहारी सीजन आवासीय मांग को और समर्थन दे सकता है। हालांकि, ऊंची कीमतों और affordability से जुड़ी चिंताओं के कारण खरीदारों का चयनात्मक रुख बने रहने की उम्मीद जताई गई है।: देश के सात प्रमुख शहरों में Q3 2026 में करीब 1,00,220 आवासीय यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल की समान तिमाही के 97,080 यूनिट्स की तुलना में 3% अधिक है। इस दौरान कोलकाता के रियल एस्टेट बाजार में भी तिमाही आधार पर सकारात्मक रुझान देखने को मिला। हालांकि, सालाना आधार पर बिक्री और नई सप्लाई दोनों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
कोलकाता में 3,980 घर बिके
Anarock Research & Advisory के आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता में Q3 2026 में करीब 3,980 आवासीय यूनिट्स की बिक्री हुई। Q2 2026 में यह आंकड़ा 3,860 यूनिट्स था। यानी तिमाही आधार पर बिक्री में 3% की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, Q3 2025 में कोलकाता में करीब 4,130 यूनिट्स बिकी थीं। इस लिहाज से सालाना आधार पर बिक्री में 4% की गिरावट दर्ज की गई।
नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग में 32% उछाल
कोलकाता के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा नई सप्लाई का है। रिपोर्ट के मुताबिक, Q3 2026 में कोलकाता में करीब 4,680 नई आवासीय यूनिट्स लॉन्च हुईं।
यह Q2 2026 के 3,550 यूनिट्स की तुलना में 32% अधिक है। हालांकि, Q3 2025 में लॉन्च हुई 4,890 यूनिट्स के मुकाबले नई सप्लाई में सालाना आधार पर 4% की कमी रही।
40-80 लाख रुपये वाले घरों पर फोकस
कोलकाता में नई आवासीय सप्लाई में करीब 40% यूनिट्स 40 लाख से 80 लाख रुपये के प्राइस सेगमेंट में आईं। यह संकेत देता है कि इस तिमाही में मिड-सेगमेंट हाउसिंग ने डेवलपर्स के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देश के टॉप-7 शहरों की बात करें तो 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये के बीच की प्रॉपर्टी ने नई सप्लाई में सबसे बड़ी 34% हिस्सेदारी हासिल की। इसके बाद 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये वाले सेगमेंट की 24% हिस्सेदारी रही।
मुंबई सबसे आगे, बेंगलुरु दूसरे स्थान पर
Q3 2026 में टॉप-7 शहरों में MMR (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन) में करीब 31,750 घरों की बिक्री हुई, जो सबसे अधिक रही। इसके बाद बेंगलुरु में करीब 16,670 यूनिट्स बिकीं। इन दोनों शहरों ने मिलकर टॉप-7 शहरों की कुल बिक्री में करीब 48% योगदान दिया।
नई सप्लाई के मामले में भी MMR सबसे आगे रहा, जहां करीब 37,500 यूनिट्स लॉन्च हुईं। हैदराबाद करीब 18,950 नई यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
देश के सात बड़े शहरों में नई सप्लाई 18% बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, टॉप-7 शहरों में Q3 2026 के दौरान करीब 1,14,320 नई आवासीय यूनिट्स लॉन्च हुईं। Q3 2025 में यह आंकड़ा करीब 96,690 यूनिट्स था। यानी सालाना आधार पर नई सप्लाई में 18% की वृद्धि हुई।
वहीं, उपलब्ध आवासीय इन्वेंट्री भी सालाना आधार पर 12% बढ़कर करीब 6.31 लाख यूनिट्स हो गई।
प्रॉपर्टी की कीमतों में भी बढ़ोतरी
टॉप-7 शहरों में औसत आवासीय कीमतों में Q3 2026 में सालाना आधार पर करीब 7% की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक औसत कीमत करीब 9,105 रुपये प्रति वर्गफुट से बढ़कर 9,714 रुपये प्रति वर्गफुट हो गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाला त्योहारी सीजन आवासीय मांग को और समर्थन दे सकता है। हालांकि, ऊंची कीमतों और affordability से जुड़ी चिंताओं के कारण खरीदारों का चयनात्मक रुख बने रहने की उम्मीद जताई गई है
































