झाड़ग्राम में नौकरी का झांसा देकर कथित तौर पर चार किस्तों में वसूली गई रकम, पैसे वापस मांगने पर धमकी देने का भी आरोप; परिवार ने राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने का लगाया आरोप
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में वन विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर करीब 10 लाख रुपये लेने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस के नेता अजीत महतो को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुरुवार देर रात उनके घर से उन्हें हिरासत में लिया। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को वन विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर वर्ष 2024 से 2026 के बीच चार किस्तों में करीब 10 लाख रुपये लिए थे। हालांकि, काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। पीड़ित ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है। शुक्रवार को अजीत महतो को झाड़ग्राम अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच के लिए उन्हें अपनी हिरासत में लेने की मांग कर सकती है।
चार किस्तों में लिए करीब 10 लाख रुपये
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, झाड़ग्राम के बाछुरडोबा निवासी सजल दास की शिकायत पर अजीत महतो के खिलाफ कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अजीत ने वन विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे अलग-अलग समय पर चार किस्तों में करीब 10 लाख रुपये लिए।
यह लेन-देन कथित तौर पर 2024 से 2026 के बीच हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार, लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अजीत से अपनी रकम वापस मांगी।
आरोप है कि पैसे लौटाने के बजाय उन्हें धमकियां दी गईं। पुलिस अब इन आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि कहीं अन्य लोगों से भी इसी तरह नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे तो नहीं लिए गए।
रात दो बजे घर पहुंची पुलिस, परिवार ने उठाए सवाल
अजीत महतो की गिरफ्तारी को लेकर उनके परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि गुरुवार रात करीब दो बजे पुलिस उनके घर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अजीत को अपने साथ ले गई।
परिजनों का दावा है कि अजीत को राजनीतिक कारणों से झूठे मामले में फंसाया गया है। उनका कहना है कि अजीत ममता बनर्जी के समर्थक तृणमूल कांग्रेस गुट से जुड़े हुए हैं और इसी राजनीतिक पहचान के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
हालांकि, परिवार के इन आरोपों पर पुलिस की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, नौकरी के नाम पर पैसे लेने और शिकायतकर्ता को धमकाने के आरोपों की भी अभी न्यायालय में पुष्टि नहीं हुई है।
विधानसभा चुनाव में 26 हजार से अधिक वोटों से हारे थे अजीत
अजीत महतो का राजनीतिक सफर भी इस मामले के बीच चर्चा में है। वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने गोपीबल्लभपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
इस चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार राजेश महतो के हाथों 26 हजार से अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी को लेकर दो अलग-अलग राजनीतिक गुटों के बीच खींचतान की खबरें सामने आई थीं। जिले के राजनीतिक हलकों के एक वर्ग का दावा है कि अजीत महतो ममता बनर्जी के समर्थक गुट के साथ थे और उन्हें अपना नेता मानकर राजनीति कर रहे थे।
फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रूप से पैसे लेने और धमकी देने की शिकायत है। गिरफ्तारी के बाद अब अदालत में पेशी और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।































