खून से लथपथ भारतीय पायलट ने कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा
कैसे टला हादसा, कैसे बची यात्रियों की जान
दुबई : फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। शुरुआती जानकारी और अधिकारियों के बयानों के मुताबिक, सह-पायलट ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। घटना के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे उतरने लगा। हालांकि घायल कप्तान द्वारा कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किए जाने और यात्रियों के हस्तक्षेप के बाद बड़ा हादसा टल गया।
34 हजार फीट से तेजी से नीचे आने लगा विमान
फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हाथापाई शुरू हुई। इसी दौरान भारतीय कप्तान पर चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई है।
घटना के बीच विमान की ऊंचाई अचानक तेजी से कम होने लगी। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान ने बेहद कम समय में करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई खो दी। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि विमान करीब 33-34 हजार फीट से 17 हजार फीट के आसपास पहुंच गया। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
यात्रियों को कॉकपिट से सुनाई दी आवाजें
विमान के अचानक नीचे आने के बाद यात्रियों को समझ में आ गया कि कोई गंभीर समस्या है। कुछ यात्रियों ने बताया कि विमान के अंदर चीख-पुकार मच गई थी। इसी दौरान कॉकपिट के अंदर से भी संघर्ष की आवाजें सुनाई दीं।
इसके बाद घायल कप्तान स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। वह गंभीर रूप से घायल होने के बाद दरवाजे के पास गिर गए। उनके दरवाजा अनलॉक करने से यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को कॉकपिट के अंदर पहुंचने का मौका मिला।
यात्री कॉकपिट में पहुंचे, हमलावर को दबोचा
इजरायली यात्री यानिव हायून समेत कुछ लोग कॉकपिट में पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, अंदर एक पायलट जमीन पर घायल अवस्था में था, जबकि दूसरा व्यक्ति विमान के नियंत्रण के पास था।
हायून और अन्य यात्रियों ने कथित हमलावर को पकड़कर कॉकपिट से बाहर खींच लिया। कुछ यात्रियों ने उसे काबू में रखा। इस दौरान विमान में मौजूद अतिरिक्त फ्लाईदुबई पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की।
विमान में मौजूद दूसरे पायलटों ने संभाली कमान
इस घटना में एक महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि विमान में फ्लाईदुबई के कुछ अन्य पायलट यात्री के रूप में मौजूद थे। दोनों मूल पायलटों के घायल होने के बाद इन पायलटों ने विमान को स्थिर करने और सुरक्षित लैंडिंग कराने में मदद की।
विमान को उसके मूल गंतव्य तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। वहां विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। दोनों पायलटों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
कॉकपिट का दरवाजा कैसे खुला?
वाणिज्यिक विमानों के कॉकपिट को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद सुरक्षित रखा जाता है। कॉकपिट का दरवाजा आमतौर पर मजबूत सुरक्षा प्रणाली से लैस होता है और इसे खोलने का नियंत्रण पायलटों के पास रहता है।
इस घटना में यात्रियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही था कि कॉकपिट तक पहुंच कैसे संभव हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कप्तान स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किया। इसके बाद यात्री अंदर पहुंचे और कथित हमलावर को काबू में किया।
घटना की वजह और मकसद की जांच जारी
इजरायली अधिकारियों ने घटना को गंभीर सुरक्षा मामला बताया है। कुछ अधिकारियों ने विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश का आरोप लगाया है। हालांकि फ्लाईदुबई ने कॉकपिट में हुई घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है, इसलिए हमले के सटीक कारण और मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
इस घटना में विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद विमान को तबुक में उतारा गया। घायल भारतीय कप्तान और दूसरे पायलट का इलाज कराया गया। घटना के बाद विमान की सुरक्षा व्यवस्था और कॉकपिट प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।































