सरकार ने जिलों को दिया निर्देश
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के जीरो-एनरोलमेंट (Zero-Enrolment) स्कूलों की स्थिति और उनके बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विभाग ने सभी जिलों में ऐसे स्कूलों की भौतिक जांच और मूल्यांकन करने का फैसला किया है। इसके लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव बिनोद कुमार, आईएएस की ओर से 16 सितंबर 2026 को जारी मेमो संख्या 197-SSE/2026 में जिलाधिकारियों और कोलकाता नगर निगम के नगर आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जीरो-एनरोलमेंट स्कूलों की होगी जांच
विभाग के अनुसार, कई स्कूलों में फिलहाल कोई छात्र नामांकित नहीं है, जिसके कारण सरकारी खर्च से तैयार स्कूल भवन, कक्षाओं, जमीन और अन्य बुनियादी ढांचे का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
जिला स्तर पर गठित समिति इन स्कूलों की स्थिति की जांच करेगी और उपलब्ध परिसंपत्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करेगी।
कौन-कौन होंगे समिति में शामिल?
प्रत्येक जिले में गठित समिति में शामिल होंगे—
जिलाधिकारी — अध्यक्ष
जिला शिक्षा अधिकारी — सदस्य
संबंधित स्कूलों के जिला निरीक्षक — सदस्य
जिलाधिकारी द्वारा नामित अन्य अधिकारी
समिति स्कूल भवन, कक्षाओं, जमीन, सहायक ढांचे और अन्य उपलब्ध परिसंपत्तियों की स्थिति का आकलन करेगी।
दूसरे सरकारी कार्यों में इस्तेमाल की संभावना
निर्देश में कहा गया है कि जो स्कूल या भवन लंबे समय से खाली या कम इस्तेमाल में हैं, उनकी वैकल्पिक सरकारी उपयोगिता की संभावना भी देखी जाएगी। इनमें ट्रेनिंग सेंटर, हेल्थ सेंटर, ARD सेंटर, सामुदायिक या अन्य सार्वजनिक सेवा केंद्र जैसी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है।
हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी बच्चे को स्कूली शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और जहां संभव हो, वहां स्कूल के पुनरुद्धार या पुनर्गठन की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।
30 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश
जिला स्तर की समितियों को जांच के बाद रिपोर्ट तैयार करनी होगी। रिपोर्ट में संबंधित जीरो-एनरोलमेंट स्कूलों की स्थिति और समिति की सिफारिशें शामिल होंगी। इसमें मुख्य रूप से दो विकल्पों पर सुझाव मांगे गए हैं—
स्कूल को जारी रखना या उसका पुनरुद्धार करना।
स्कूल के बुनियादी ढांचे का उपयुक्त सार्वजनिक उद्देश्य के लिए वैकल्पिक इस्तेमाल।
विभाग ने संबंधित रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त को भेजने को कहा है।
PPP मॉडल के तहत उपयोग का प्रस्ताव
मेमो का विषय ही “Physical verification and assessment of utilization of infrastructural assets of Zero-Enrolment Schools and proposal for their suitable utilization/revival under PPP mode” है। यानी सरकार जीरो-एनरोलमेंट स्कूलों की संपत्तियों के उचित उपयोग या पुनरुद्धार, जिसमें PPP मॉडल के तहत विकल्पों की जांच भी शामिल है, पर विचार कर रही है।
विभाग ने जिलों से इस पूरी कवायद को प्राथमिकता देने और सरकारी परिसंपत्तियों का अधिकतम एवं उत्पादक इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा है।































