राज्य चुनाव आयोग ने छह जिलों के डीएम के साथ की बैठक
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनावों की तैयारियां अब तेज होती दिखाई दे रही हैं। राज्य चुनाव आयोग ने बुधवार को छह जिलों के जिलाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर चुनावी तैयारियों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक की अध्यक्षता राज्य चुनाव आयुक्त कृष्णा गुप्ता ने की। इसमें दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में नगर निकाय चुनावों के लिए मतदाता सूची को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। राज्य में एक बार फिर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की आशंकाओं के बीच आयोग इस मुद्दे को लेकर सतर्क है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनावों के लिए 1 जुलाई को प्रकाशित मतदाता सूची को आधार बनाया जाएगा। इसी सूची से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बुधवार की बैठक में समीक्षा की गई।
इसके अलावा बैठक में नगर निकायों की सीमाओं का निर्धारण, वार्ड परिसीमन, सीटों का आरक्षण, EVM की उपलब्धता और मतदान केंद्रों की व्यवस्था समेत चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
सितंबर में आरक्षण की ड्राफ्ट सूची संभव
राज्य चुनाव आयोग चुनावी तैयारियों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, नगर निकायों में सीटों के आरक्षण से संबंधित ड्राफ्ट सूची सितंबर के मध्य तक जारी किए जाने की संभावना है। ड्राफ्ट सूची पर प्राप्त आपत्तियों और दावों की जांच के बाद आरक्षण की अंतिम सूची अक्टूबर के अंत तक जारी की जा सकती है।
15 नगरपालिकाओं में निर्वाचित बोर्ड नहीं
फिलहाल पश्चिम बंगाल के 12 जिलों की 15 नगरपालिकाओं में निर्वाचित म्युनिसिपल बोर्ड नहीं हैं। इन निकायों का काम फिलहाल प्रशासकों की नियुक्ति के जरिए चलाया जा रहा है। इनमें हावड़ा नगर निगम सबसे महत्वपूर्ण है, जहां पिछले करीब 13 वर्षों से चुनाव नहीं हुए हैं।
राज्य में नई सरकार के गठन के बाद नगरपालिका मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने हावड़ा नगर निगम समेत लंबित निकाय चुनावों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ बैठक भी की थी। इसके बाद अब राज्य चुनाव आयोग की सक्रियता को चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इन नगर निकायों में लंबे समय से चुनाव लंबित
हावड़ा के अलावा दुर्गापुर, डोमकल (मुर्शिदाबाद), रायगंज (उत्तर दिनाजपुर), बुनियादपुर (दक्षिण दिनाजपुर), पुजाली (दक्षिण 24 परगना), कुर्सियांग और मिरिक (दार्जिलिंग), कलिम्पोंग, पंसकुरा और हल्दिया (पूर्व मेदिनीपुर), कूपर कैंप (नदिया), नलहटी (बीरभूम), बाली और धूपगुड़ी (जलपाईगुड़ी) समेत कई नगर निकायों में चुनाव लंबे समय से लंबित हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इनमें से अधिकांश नगर निकायों में पिछली बार वर्ष 2017 में चुनाव हुए थे। ऐसे में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।




























