मां को टैक्सी से उतारा, मासूम को लेकर भागी महिला! 50 से ज्यादा CCTV ने खोला अपहरण का राज
काम दिलाने का झांसा देकर मां को जाल में फंसाया, पार्क सर्कस के पास बच्चे को लेकर फरार हुई महिला
कोलकाता: गरियाहाट फ्लाईओवर के नीचे फुटपाथ पर रहने वाले परिवार के मासूम बच्चे के अपहरण की सनसनीखेज घटना सामने आई है। आरोप है कि पहले महिला ने मां से नजदीकी बढ़ाई, फिर उसके बच्चे का भरोसा जीता और आखिरकार काम दिलाने का झांसा देकर मासूम को लेकर फरार हो गई।
अजमीरा मोल्ला और आलमगीर मोल्ला अपने बच्चों के साथ गरियाहाट फ्लाईओवर के नीचे रहते थे। कुछ दिन पहले अजमीरा की एक महिला से बातचीत हुई थी। धीरे-धीरे वह महिला अजमीरा के बच्चे के साथ भी घुलने-मिलने लगी। परिवार को शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह नजदीकी एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है।
रविवार को महिला ने कथित तौर पर अजमीरा को काम दिलाने का लालच दिया और बच्चे को साथ लेकर टैक्सी से चलने को कहा। अजमीरा उसके झांसे में आ गई और बच्चे के साथ टैक्सी में बैठ गई।
इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया।
पार्क सर्कस के पास महिला ने अजमीरा को टैक्सी से उतरने के लिए कहा। मां जैसे ही टैक्सी से नीचे उतरी, आरोप है कि महिला मासूम को लेकर टैक्सी समेत फरार हो गई।
कुछ ही पलों में मां से उसका बच्चा छीन लिया गया। अजमीरा और आलमगीर ने घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
50 से ज्यादा CCTV फुटेज ने खोला राज
शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। बच्चे तक पहुंचने के लिए पुलिस ने इलाके के 50 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले। कैमरों में कैद सुरागों के आधार पर पुलिस ने टैक्सी की पहचान की और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया।
टैक्सी ड्राइवर से पूछताछ के बाद पुलिस को मामले में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने वंदना रॉय और मधु नाम की दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।
फुटपाथ से शुरू हुई साजिश, दक्षिण 24 परगना तक पहुंची कड़ी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वंदना रॉय गरियाहाट फुटपाथ पर रहती है, जबकि दक्षिण 24 परगना की रहने वाली मधु को इस पूरे अपहरण की कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
जांच के दौरान पुलिस ने मधु के घर पर दबिश दी और वहां से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या मासूम के अपहरण के पीछे कोई बड़ा गिरोह है और क्या इससे पहले भी इसी तरह बच्चों को निशाना बनाया गया है।




























