नई दिल्ली: दिल्ली से एक बार फिर 2012 के निर्भया कांड जैसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक स्लीपर बस में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का आरोप लगा है। वारदात के बाद आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर लड़की को सड़क पर फेंककर भाग गए थे। दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना 4 अगस्त की है। पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली है और 11वीं क्लास की छात्रा है। बताया जा रहा है कि पढ़ाई को लेकर मां ने उसे डांटा था, जिसके बाद वह बिना बताए घर से निकल गई और नोएडा के सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चाचा के घर जा रही थी।
रात के समय बारिश हो रही थी। वह गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। बस निकल जाने के बाद वह दूसरी बस का इंतजार करने लगी। तभी वहां एक स्लीपर बस आई। बस में कोई और सवारी नहीं थी। नोएडा सेक्टर-63 जाने की बात सुनकर वह बस में चढ़ गई।
आरोप है कि बस में चढ़ने के कुछ देर बाद ही कंडक्टर ने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
47 KM दूर कश्मीरी गेट पर फेंका
आरोपियों ने पीड़िता को परी चौक से करीब 47 किलोमीटर दूर पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर छोड़ दिया और फरार हो गए।
मामले पर नॉर्थ दिल्ली की DCP निहारिका भट्ट ने बताया कि आरोपी ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर इलाके की एक पार्किंग से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हुई स्लीपर बस को भी जब्त कर लिया है।
आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, अपहरण और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि बस की खिड़कियों पर पर्दे लगे हुए थे। फॉरेंसिक टीम को बस से बालों का एक गुच्छा भी मिला है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है।
इस घटना ने 14 साल पहले दिसंबर 2012 में दिल्ली में चलती बस में हुई गैंगरेप की घटना की याद दिला दी है, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था।




























