- अमेरिकन सेंटर हमले के मास्टरमाइंड की सेल से 3 फोन, राउटर और 31 हजार कैश बरामद
- प्रेसिडेंसी करेक्शनल होम की हाई-सिक्योरिटी सेल में मिला हाईटेक कम्युनिकेशन सेटअप, जेल स्टाफ की मिलीभगत की भी जांच
कोलकाता: जिस जेल की सुरक्षा को अभेद्य माना जाता है, उसी प्रेसिडेंसी करेक्शनल होम की हाई-सिक्योरिटी सेल में डिजिटल सेंध ने सनसनी फैला दी है। अमेरिकन सेंटर हमले के मास्टरमाइंड आफताब अहमद अंसारी की सेल से तीन स्मार्टफोन, दो राउटर, वाई-फाई हॉटस्पॉट, स्टोरेज डिवाइस और 31 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।
सबसे बड़ा सवाल—जेल की हाई-सिक्योरिटी सेल तक मोबाइल और इंटरनेट का पूरा सेटअप पहुंचा कैसे?
सेल नंबर 14 से निकला ‘हाईटेक नेटवर्क’
23 अगस्त की शाम 6:20 बजे से रात 8:10 बजे तक प्रेसिडेंसी करेक्शनल होम में संयुक्त छापेमारी की गई। जेल अधिकारियों और बंगाल करेक्शनल सर्विसेज के DIG (दमदम) के अधीन अधिकारियों की टीम ने सेल नंबर 14 की तलाशी ली।
तलाशी में मिला—
- OnePlus Nord CE4 Lite 5G स्मार्टफोन
- OPPO K10 स्मार्टफोन
- iPhone
- दो Jio M25 राउटर
- Secureye Wi-Fi हॉटस्पॉट
- कई स्टोरेज डिवाइस
- 31,000 रुपये नकद
यानी एक ऐसी सेल के भीतर, जहां सुरक्षा का स्तर बेहद कड़ा है, सिर्फ मोबाइल फोन ही नहीं बल्कि इंटरनेट कनेक्टिविटी का पूरा इंतजाम मौजूद था।
अब जांच के घेरे में जेल स्टाफ
बरामदगी के बाद हेस्टिंग्स पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि बाहर की दुनिया से संपर्क के लिए इस्तेमाल होने वाला यह नेटवर्क जेल के अंदर पहुंचा कैसे?
पुलिस यह भी खंगाल रही है कि कहीं इस पूरे मामले में जेल के किसी कर्मचारी या अधिकारी की मिलीभगत तो नहीं थी। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि डिवाइस जेल में कब पहुंचे, किसने पहुंचाए और इनका इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने के लिए किया गया।
प्रेसिडेंसी करेक्शनल होम के कंट्रोलर सैकत सेनगुप्ता ने चीफ कंट्रोलर शिबाजी रे की ओर से हेस्टिंग्स थाने में शिकायत दर्ज कराई है। बरामद सामान भी पुलिस को सौंप दिया गया है।
20 अगस्त को भी जेल में मिला था स्मार्टफोन
यह पहली घटना नहीं है। 20 अगस्त की देर रात जेल में हुई एक अन्य तलाशी के दौरान विचाराधीन कैदी अब्दुल मोइनुद्दीन के पास से भी स्मार्टफोन और सिम कार्ड बरामद हुआ था।
लगातार हो रही मोबाइल बरामदगी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
अमेरिकन सेंटर हमले का मास्टरमाइंड है अंसारी
आफताब अहमद अंसारी को 22 जनवरी 2002 के कोलकाता अमेरिकन सेंटर हमले का मास्टरमाइंड माना गया था। बाइक सवार हमलावरों ने अमेरिकन सेंटर के बाहर पुलिसकर्मियों पर स्वचालित हथियारों से फायरिंग की थी। हमले में पांच पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी और करीब 20 लोग घायल हुए थे।
अंसारी को फरवरी 2002 में दुबई में गिरफ्तार कर भारत लाया गया था। अमेरिकन सेंटर हमले की साजिश के मामले में उसे पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में उम्रकैद में बदल दिया।
सवाल सिर्फ मोबाइल का नहीं, जेल की सुरक्षा का है
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल है—अगर हाई-सिक्योरिटी सेल में स्मार्टफोन, राउटर और वाई-फाई हॉटस्पॉट पहुंच सकते हैं, तो जेल के अंदर से किस तरह का नेटवर्क संचालित हो रहा था?
क्या इन उपकरणों के जरिए बाहर किसी से लगातार संपर्क किया जा रहा था?
किसने जेल के अंदर यह नेटवर्क तैयार कराया?
और क्या इसमें जेल के अंदर से किसी ने मदद की?
इन सवालों के जवाब अब पुलिस की जांच से सामने आने हैं।




























